पहाड़ का पानी और पहाड़ के युवा यहां के काम नहीं आते, ऐसा क्यों है? युवाओं के लिए यहां क्या संभावनााएं हैं?
शुभ्रांशु सिंह: उद्योग आता है तो वह एक व्यक्ति के लिए नहीं होता। पूरा परिवेश मिलना जरूरी है। उद्योग लगाएंगे तो प्रतिभाशाली लोग, कच्चा माल और उनकी आपूर्ति हो सकेगी या नहीं, यह देखना होगा। देश के लिए भी यह महत्वपूर्ण है कि हर जगह परिवेश मिले। इसके लिए बुनियादी ढांचा जरूरी है। सड़कें देखकर हमें लगता है कि इससे तो ट्रैफिक जाम बढ़ेगा, लेकिन इससे रोजगार भी तो आ रहा है।
अजय डंग: मिनिएचर उद्योग क्षेत्र होने चाहिए। हर शहर में रोजगार के अवसर बनाने होंगे। ऐसा नहीं होता तो एक शहर से दूसरे शहर और एक राज्य से दूसरे राज्य में पलायन होता रहेगा। अगर प्रतिभावान युवा यहां से जा रहे हैं तो उन्हें यहां रोके रखने के लिए योजनाएं बनानी होंगी।
जमीन को लेकर क्या कोई कानून बनना चाहिए?
अजय डांग: यह राज्य के लोगों को तय करना है। विकास के लिए जमीनें भी लगेंगी, प्राकृतिक संसाधन भी चाहिए होंगे। लोग मूल निवासी हो सकते हैं, लेकिन पूंजी कहीं की मूल निवासी नहीं होती। पूंजी जहां आए, वहां उसका स्वागत होना चाहिए।
शुभ्रांशु सिंह: विकास होगा या नहीं, रोजगार बढ़ेगा या नहीं, यह देखना होगा। उत्तराखंड को आप पूरी तरह सील नहीं कर सकते। विकास के लिए जहां से भी पूंजी, तकनीक और लोग चाहिए, आपको उन्हें यहां लाना होगा।