अकासा एयर ने गुरुवार को 150 विमानों के ऑर्डर की घोषणा की। देश के तेजी से बढ़ते नागर विमानन बाजार में अपनी उपस्थिति बढ़ाने के लिए तीन भारतीय विमानन कंपनियों ने एक साल से भी कम समय में कुल 1,120 विमानों का ऑर्डर दिया है।
दो साल से भी कम पुरानी अकासा एयर ने 150 बोइंग 737 मैक्स विमानों के लिए एक ऑर्डर दिया है, जिसमें 737 मैक्स 10 और 737 मैक्स 8-200 जेट शामिल हैं। 2023 में, जिसमें घरेलू हवाई यातायात भी नई ऊंचाई पर चढ़ गया, एयर इंडिया और इंडिगो ने बोइंग और एयरबस को कुल 970 विमानों के ऑर्डर दिए।
टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने पिछले साल फरवरी में 470 विमानों का ऑर्डर दिया था, जिसमें एयरबस को दिया गया 250 और बोइंग को दिया गया 220 विमानों का ऑर्डर शामिल है। आगे चलकर जून में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने एयरबस को 500 नैरो बॉडी विमान खरीदने का ऑर्डर देने की घोषणा की थी।
अकासा एयर, एयर इंडिया और इंडिगो ने पिछले साल फरवरी से 1,120 विमानों के ऑर्डर दिए हैं। इन ऑर्डर्स के अलावा, भारतीय वाहक उन नए विमानों की डिलीवरी लेने के लिए तैयार हैं जिन्हें पहले ऑर्डर किया गया था। अकेले इंडिगो के पास करीब 1,000 विमानों का ऑर्डर बुक है। ग्राउंडेड गो फर्स्ट, जो पिछले साल मई से उड़ान नहीं भर रहा है, ने भी 72 विमानों का ऑर्डर दिया था। एक विश्लेषण के अनुसार, घरेलू विमानन कंपनियां आने वाले वर्षों में 1,600 से अधिक विमानों की डिलीवरी लेने की उम्मीद कर रहे हैं।
वर्तमान में, भारतीय विमानन कंपनियों के बेड़े का आकार 730 है। नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बुधवार को कहा था कि 2030 तक भारतीय विमानन कंपनियों के बेड़े का आकार 1,500 से 2,000 तक पहुंच जाएगा। भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते नागरिक उड्डयन बाजारों में से एक है।