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Biz Updates: चार साल में 247 यात्रियों को नो फ्लाई लिस्ट में रखा गया, सरकार ने दी जानकारी

Tue, 06 Feb 2024 09:40 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Biz Updates: नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में बताया कि नो-फ्लाई' लिस्ट में रखे गए यात्रियों की संख्या 2020 में 10 थी और 2021 में बढ़कर यह 66 हो गई। आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 में ऐसे यात्रियों की संख्या घटकर 63 हो गई, लेकिन पिछले साल यह संख्या बढ़कर 108 हो गई।
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बिजनेस न्यूज एंड अपडेट्स - फोटो : amarujala.com
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विस्तार
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पिछले चार साल में 247 यात्रियों को 'नो फ्लाई' लिस्ट में रखा गया जबकि 2023 में अशिष्ट व्यवहार के कारण सबसे अधिक 108 यात्रियों को विभिन्न एयरलाइंस की ओर से उड़ान भरने से रोक दिया गया। विमानन नियामक डीजीसीए ने विमान में सवार यात्रियों के गैरकानूनी/बाधा पहुंचाने वाले व्यवहार से निपटने के लिए नागरिक उड्डयन आवश्यकताएं (सीएआर) बनाया है।

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नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री वीके सिंह की ओर से सोमवार को राज्यसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, "नो-फ्लाई' सूची में रखे गए यात्रियों की संख्या 2020 में 10 थी और 2021 में बढ़कर यह 66 हो गई।" आंकड़ों से पता चलता है कि 2022 में ऐसे यात्रियों की संख्या घटकर 63 हो गई, लेकिन पिछले साल यह संख्या बढ़कर 108 हो गई।

सीएआर के अनुसार, जब भी किसी एयरलाइन को पायलट-इन-कमांड से अशिष्ट व्यवहार की शिकायत मिलती है, तो घटना को एयरलाइंस की ओर से एक आंतरिक समिति को भेजा जा सकता है, जो तय करती है अनियंत्रित यात्री को कितने समय के लिए उड़ान भरने से प्रतिबंधित किया जाए। 
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सिंह ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा, ''संबंधित एयरलाइन की आंतरिक समिति की सिफारिश के आधार पर डीजीसीए यात्री को 'उड़ान वर्जित सूची' में डालता है जिसमें उपद्रवी यात्री को एक निश्चित अवधि में भारत के लिए, भारत से या भारत में विमान यात्रा करने के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है।"

प्लास्टिक के करेंसी नोट लाने से जुड़ा कोई निर्णय नहीं लिया गया है: वित्त राज्य मंत्री

सरकार ने प्लास्टिक नोट जारी करने का कोई फैसला नहीं किया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में इसकी जानकारी दी। एक प्रश्न के लिखित उत्तर में उन्होंने कहा कि भारतीय बैंक नोटों के स्थायित्व और नकली नोटों के प्रति प्रतिरोध को बढ़ाने के प्रयास एक सतत प्रक्रिया है। आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट 2022-23 के अनुसार, उन्होंने कहा, "नोटों की छपाई पर  2022-23 में कुल 4,682.80 करोड़ रुपये खर्च किए गए। प्लास्टिक नोटों की छपाई पर कोई खर्च नहीं किया गया है। सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 25 के तहत प्लास्टिक नोट पेश करने का कोई निर्णय नहीं लिया है।"

भारत और कतर की कंपनी के बीच एलएनजी की खरीद बिक्री के लिए करार

भारत की सरकारी तेल एवं गैस कंपनी 'पेट्रोनेट एलएनजी' और कतर की 'कतर एनर्जी' के बीच मंगलवार को एलएनजी बिक्री व खरीद समझौते के लिए दीर्घकालिक अनुबंध हुआ। समझौते पर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी और कतर के ऊर्जा मामलों के राज्य मंत्री और कतर ऊर्जा के सीईओ साद शेरिदा अल-काबी के बीच हस्ताक्षर किए गए।

सरकारी बैंकों का 2024-25 में बढ़ेगा मुनाफा केंद्र को मिल सकता है 16,000 करोड़ लाभांश
सरकारी बैंक पिछले कुछ साल की तरह अगले साल भी भारी मुनाफा कमा सकते हैं। इससे सरकार को 16,000 करोड़ का लाभांश मिल सकता है। चालू वित्त वर्ष में 138 अरब की तुलना में यह करीब 9 फीसदी अधिक हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 से कमजोर सरकारी बैंकों का मजबूत बैंकों में विलय किया। संकट में फंसे बैंकों को 3.3 लाख करोड़ से ज्यादा पूंजी दी गई। इससे बैंकों ने मुनाफा कमाना शुरू किया। वित्तीय सेवा सचिव विवेक जोशी ने कहा, कर्ज की मजबूत मांग से शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष में एक लाख करोड़ से ज्यादा की उम्मीद है। 12 बैंकों ने दिसंबर तिमाही में 980 अरब का शुद्ध फायदा कमाया है। इससे सकल एनपीए मार्च, 2017 के 9.6 फीसदी से घटकर सितंबर 2023 में 3.2% रह गया।

चालू वित्त वर्ष में 430 अरब जुटाए
वित्तीय सेवा सचिव ने कहा, सरकारी बैंकों ने इस वित्त वर्ष में बाजार से 430 अरब रुपये जुटाए हैं। पिछले वित्त वर्ष में 450 अरब रुपये जुटाए थे। सरकार पीएनबी, सेंट्रल बैंक सहित चार सरकारी बैंकों को अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में रकम जुटाने की मंजूरी दे सकती है।

एचडीएफसी समूह छह बैंकों में 9.50 फीसदी तक खरीदेगा हिस्सा, आरबीआई ने दी मंजूरी
एचडीएफसी समूह को छह बैंकों में 9.50 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने की आरबीआई ने मंजूरी दी है। इन छह बैंकों में बंधन बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, यस बैंक, सर्वोदय स्मॉल फाइनेंस व इंडसइंड बैंक शामिल हैं। एचडीएफसी समूह ने दिसंबर में इस खरीदारी के लिए आरबीआई से मंजूरी मांगा था। इस खबर के बाद यस बैंक का शेयर मंगलवार को 13 फीसदी तक चढ़ गया। आरबीआई ने एचडीएफसी समूह को 5 फरवरी, 2024 को इन बैंकों में हिस्सा खरीदने की मंजूरी दी। हालांकि, इन बैंकों में समूह की 9.50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी नहीं होनी चाहिए। आरबीआई की मंजूरी के बाद समूह को एक साल के भीतर ही हिस्सेदारी खरीदनी होगी। समूह अपनी कंपनियों एचडीएफसी बैंक, म्यूचुअल फंड, एचडीएफसी अर्गो और जीवन बीमा के जरिये ये हिस्सेदारी खरीदेगा।

पर्सनल व क्रेडिट कार्ड जैसे असुरक्षित कर्ज एनपीए बढ़े
कर्ज वितरण के मोर्चे पर सख्ती से चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में खुदरा कर्ज वृद्धि की रफ्तार धीमी हो गई। इस अवधि में पर्सनल लोन व क्रेडिट कार्ड जैसे असुरक्षित कर्ज से जुड़े एनपीए में तेजी आई है। ट्रांसयूनियन सिबिल की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर तिमाही में पर्सनल लोन से जुड़ा एनपीए एक साल पहले की समान अवधि की तुलना में 10 बीपीएस बढ़कर 0.87 फीसदी पहुंच गया। क्रेडिट कार्ड संबंधी एनपीए 23 बीपीएस की बढ़ोतरी के साथ 1.68 फीसदी पर पहुंच गया।

टाटा समूह का पूंजीकरण 30 लाख करोड़ पार
शेयरों में तेजी से टाटा समूह की सभी कंपनियों की पूंजी पहली बार 30 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गई। मंगलवार को टीसीएस का शेयर 52 हफ्ते के उच्च स्तर 4,149 रुपये पर पहुंच गया। इससे दिन के कारोबार में पूंजी पहली बार 15 लाख करोड़ पर पहुंच गई। समूह के सात शेयर ऐसे हैं, जिनकी पूंजी एक लाख करोड़ से ज्यादा है। इनमें ट्रेंट, टाटा कंज्यूमर, टाटा पावर, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स, टाइटन और टीसीएस हैं।
 

होंडा व जनरल मोटर वापस मंगाएंगी 11 लाख कारें
होंडा मोटर और जनरल मोटर अपनी करीब 11 लाख कारें वापस मंगाएंगी। दोनों कंपनियों ने यह फैसला नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन (एनएचटीएसए) की रिपोर्ट के बाद किया है। एनएचटीएसए ने मंगलवार को बताया कि होंडा मोटर की 7.50 लाख से ज्यादा कारों में दुर्घटना के दौरान अचानक एयरबैग खुल जाने की समस्या आई है। वहीं, जनरल मोटर भी टेलगेट में गड़बड़ी की वजह से अमेरिका में 3,23,232 कारें वापस मंगा रही है। वापस मंगाई जाने वाली कारों में शेवरले सिल्वराडो 2500, जीएमसी सियेरा 2500 और अन्य हैं। टेस्ला ने भी पिछले सप्ताह 22 लाख कारें वापस मंगाई थीं।  
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नोकिया ने तरुण छाबड़ा को इंडिया हेड नियुक्त किया, 14000 लोगों की छंटनी के खबर के बाद लिया ये फैसला
हाल ही में संगठनात्मक बदलाव करते हुए प्रौद्योगिकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी नोकिया ने तरुण छाबड़ा को नोकिया इंडिया का नया प्रमुख नियुक्त किया है। कंपनी का यह कदम संचालन को सुव्यवस्थित करना और लागत में कटौती करने की प्रक्रिया का हिस्सा है।  छाबड़ा, जो पहले नोकिया के मोबाइल नेटवर्क के प्रमुख और वरिष्ठ उपाध्यक्ष थे, निवर्तमान इंडिया प्रमुख संजय मलिक से पदभार ग्रहण करेंगे। वे भारत में कंपनी के संचालन का नेतृत्व करेंगे। नोकिया ने यह नेतृत्व परिवर्तन कुछ समय पूर्व वैश्विक स्तर पर 14000 लोगों की छंटनी की खबर के बाद किया है।
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