केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गुरुवार को बताया कि भारत में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या 2030 तक सालाना 30 करोड़ हो सकती है। 2023 में हवाई सफर करने वालों की संख्या 15.3 करोड़ थी। सिविल एविएशन कॉन्क्लेव और प्रदर्शनी, विंग्स इंडिया 2024 के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, सिंधिया ने कहा कि हवाई अड्डों और वाटरड्रोम की संख्या देश में मौजूदा 149 से बढ़कर 200 से अधिक हो जाएगी।
2030 में एक वर्ष में 30 करोड़ यात्रियों के साथ, भारत की विमानन पहुंच 10 से 15 प्रतिशत होगी और उसके बाद भी बाजार में संभावना बनी रहेंगी। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में घरेलू हवाई यात्रियों की संख्या में 15 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसमें 6.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
पिछले 15 वर्षों में, घरेलू कार्गो में 60 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 53 प्रतिशत थी। केंद्रीय नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह और तेलंगाना के मंत्री के वेंकट रेड्डी ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया यह भी कहा कि भारत संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन के बाद विमानों के सबसे बड़े वैश्विक खरीदार के रूप में उभरा है।
विंग्स इंडिया 2024 में बोलते हुए, सिंधिया ने बोइंग और एयरबस को भारतीय कंपनियों की ओर से दिए गए विमानों के ऑर्डर्स के बारे में बताया। सिंधिया ने कहा कि इंडिगो ने 500 विमानों के लिए ऑर्डर दिए हैं, वहीं एयर इंडिया ने भी 470 विमानों का ऑर्डर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि हाल ही में लॉन्च की गई अकासा एयर ने भी 200 से अधिक विमानों का ऑर्डर दिया है।
एयर इंडिया ने बताया है कि नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विंग्स इंडिया 2024 के दौरान गुरुवार को आधिकारिक तौर पर देश और एयर इंडिया के पहले एयरबस ए350-900 विमान का उद्घाटन किया। एयर इंडिया ने कहा है कि हमें वैश्विक विमानन क्षेत्र में भारत के बढ़ते कद का नेतृत्व करने पर गर्व है।
एयर इंडिया के सीईओ कैंपबेल विल्सन ने इस मौकेपर कहा कि ए350 एयरबस नवीनतम पीढ़ी का विमान है। यह अत्यधिक ईंधन कुशल, अत्यधिक कम कार्बन उत्सर्जन करने वाला विमान है। लेकिन इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि यह नए एयर इंडिया के वर्ल्ड लीडिंग ब्रांड से जुड़ा है। यह हमारे बेड़े का पहला विमान है जिसकी नई लाइवरी (साज-सज्जा) होगी। यह नई आंतरिक कलर स्कीम की सुविधा देने वाला पहला विमान तो होगा ही साथ ही इसमें इसमें संलग्न क्यूबिकल, असली जैसे बेड और नई मनोरंजन प्रणालियों के साथ ब्रांड-नए बिजनेस क्लास की सुविधा होगी। यह वास्तव में नए एयर इंडिया की पहली पहल है। इसे हम दो साल से भी कम समय पहले निजीकरण के बाद से भारत में लाने के लिए मेहनत कर रहे हैं।
फ्रांस की विमान निर्माता कंपनी एयरबस ने मेक इन इंडिया के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए भारतीय कंपनियों के साथ करार किया है। कंपनी ने वाणिज्यिक विमान घटकों की खरीद के लिए टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (टीएएसएल) और महिंद्रा एयरोस्पेस स्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड (एमएएसपीएल) के साथ समझौतों पर हस्ताक्षर किया है। समझौते के तहत टीएएसएल और एमएएसपीएल एयरबस के ए320 नियो, ए330 नियो और ए350 विमानों के लिए धातु आधारित हिस्से, पुर्जे और असेंबली का निर्माण करेंगे। दोनों ही कंपनियां पहले से ही उन 100 भारतीय आपूर्तिकर्ताओं की सूची में शामिल हैं जो एयरबस को कल-पुर्जे, इंजीनियरिंग और डिजिटल सेवाएं मुहैया कराती हैं।
एयरबस ने हरियाणा के गुरुग्राम में पायलट प्रशिक्षण सुविधा स्थापित करने के लिए टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के साथ पार्टनरशिप की है। इसके अलावा, यूरोपीय विमानन कंपनी ने हैदराबाद में जीएमआर एयरो टेक्निक के साथ विमान रखरखाव इंजीनियरिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम की पेशकश करने के लिए सहयोग की भी घोषणा की है।