सरकारी एयरलाइन एयर इंडिया के कर्मचारियों के लिए अब एक नया फरमान जारी कर दिया गया है। अब विश्व में कहीं भी छुट्टी मना रहे केबिन क्रू कर्मियों को कभी भी काम पर वापस बुलाया जा सकता है। कंपनी ने कहा है कि बुलाने पर नहीं आने वाले कर्मियों को अपने पैसे खर्च करके छुट्टियां मनानी पड़ेंगी।
साथ में रखें यूनिफॉर्म और दस्तावेज
कंपनी ने 1 सितंबर को जारी एडवायजरी में केबिन क्रू कर्मचारियों को हिदायत दी है, कि वो अपनी छुट्टियों के दौरान पूरी यूनिफॉर्म, पासपोर्ट, आईडी कार्ड, कॉम्पिटेंसी कार्ड और मेडिकल सर्टिफिकेट को साथ रखें। नौकरी के कार्यकाल के अनुसार एयर इंडिया के केबिन क्रू मेंबर्स और उनके परिवार को सालाना 16 से 24 घरेलू और इंटरनेशनल टिकट मिलते हैं।
ऐसे वापस आना पड़ेगा ड्यूटी पर
एयर इंडिया के उन कर्मचारियों को वापस ड्यूटी पर आना होगा, जब किसी विमान में कर्मचारियों की कमी हो और वो उनके छुट्टी मनाने वाली जगह के पास से गुजर रहा हो। अगर कर्मचारी मुफ्त में उड़ान भरकर घूमने के लिए जाते हैं, तभी उनको वापस बुलाया जाएगा। हालांकि पैसा खर्च करके जाने वाले स्टाफ पर यह नियम लागू नहीं होगा। एयर इंडिया के प्रवक्ता ने इस मामले पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार किया है।
सोशल मीडिया पर बुराई पड़ेगी भारी
सोशल मीडिया पर एयर इंडिया की बुराई करने वाले पूर्व कर्मचारियों पर कंपनी ने सख्त रुख अपना लिया है। एयर इंडिया ने अपने पूर्व कर्मचारियों को पत्र लिखकर के कहा है कि दोषी पाए गए ऐसे रिटायर हुए कर्मचारियों को पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा।
एयर इंडिया को ऐसी जानकारी मिली थी कि पुराने कर्मचारी कंपनी के बारे में सोशल मीडिया साइट्स फेसबुक, ट्विटर, व्हॉट्सऐप सहित प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया में काफी नकरात्मक विचार रख रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व कर्मियों को कंपनी फ्री मेडिकल ट्रीटमेंट और एयर टिकट की सुविधा भी देती है।
कंपनी ने कहा है कि उसने यह आदेश चेयरमैन और एमडी अश्विनी लोहानी की सहमति से भेजा है। एयर इंडिया ने कहा कि बहुत से ऐसे पूर्व कर्मचारी हैं जिन्होंने कंपनी में कई वरिष्ठ पदों पर 30 साल से अधिक का समय बिताया है। आज वो ही कर्मचारी रिटायर होने के बाद कंपनी की बुराई कर रहे हैं।