एयर इंडिया ने कैप्टन क्लाउस गोएर्श को कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य संचालन अधिकारी के रूप में नियुक्त करने की घोषणा की है। वह उड़ान संचालन, इंजीनियरिंग, ग्राउंड ऑपरेशंस, इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल (आईओसीसी) और केबिन क्रू के कार्यों की देखरेख करेंगे।
कैप्टन गोएर्श एक लाइसेंस प्राप्त बी 777/787 पायलट हैं, जिन्होंने ब्रिटिश एयरवेज और एयर कनाडा में समान पदों पर कार्य किया था। वह एयर इंडिया के नए गुरुग्राम मुख्यालय से कार्य करेंगे। वह कैप्टन आरएस संधू की जगह लेंगे, जो चार टाटा एयरलाइंस की परिचालन प्रक्रियाओं के बीच तालमेल पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक सलाहकार की भूमिका में होंगे। कैप्टन संधू, जिन्होंने पहले ही सेवानिवृत्ति की तारीख से आगे अपनी सेवा का विस्तार किया था, एयर इंडिया की नई प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना भी करेंगे।
एयर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने कैप्टन गोएर्श का स्वागत करते हुए कहा, "दुनिया की कुछ बेहतरीन एयरलाइनों में काम करने के बाद, वह ज्ञान और अनुभव का खजाना लेकर आए हैं जो एयर इंडिया में चल रहे परिवर्तन के लिए मूल्यवान है।"
एयरलाइन ने अपनी प्रबंधन टीम को और मजबूत करने के लिए अन्य वरिष्ठ नियुक्तियों की भी घोषणा की। कैप्टन मनीष उप्पल को फ्लाइट ऑपरेशंस का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि कैप्टन हेनरी डोनोहो को कॉर्पोरेट सुरक्षा और गुणवत्ता के उपाध्यक्ष की भूमिका में होगे।
पंकज हांडा ग्राउंड ऑपरेशंस का नेतृत्व करेंगे, चूराह सिंह डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस कंट्रोल और जूली एनजी डिवीजनल वाइस प्रेसिडेंट केबिन क्रू के रूप में नियुक्त हुए हैं। वे सभी कैप्टन गोएर्श को रिपोर्ट करेंगे।
संदीप वर्मा की अध्यक्षता में इनफ्लाइट उत्पाद और सेवा डिजाइन कार्य अब राजेश डोगरा के ग्राहक अनुभव पोर्टफोलियो का हिस्सा होगा। कैप्टन गोएर्श, डोगरा और कैप्टन डोनोहो सीधे कैंपबेल विल्सन को रिपोर्ट करेंगे, साथ ही प्रबंधन समिति के मौजूदा सदस्य निपुण अग्रवाल, डॉ सत्या रामास्वामी, डॉ सुरेश दत्त त्रिपाठी और विनोद हेजमादी भी होंगे, जिनकी भूमिकाओं में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
विल्सन ने कहा कि ये बदलाव उत्तराधिकार प्रबंधन, संगठन को सुव्यवस्थित करने, टाटा एयरलाइन समूह के भीतर से प्रतिभा को अनुकूलित करने के उद्देश्य से किए गए हैं। जेआरडी टाटा द्वारा स्थापित, एयर इंडिया का एक सरकारी स्वामित्व वाले उद्यम के रूप में 69 साल बिताने के बाद जनवरी 2022 में टाटा समूह ने अधिग्रहण किया था। यह वर्तमान में Vihaan.AI के तहत पांच साल की परिवर्तन प्रक्रिया में है।