अर्थव्यवस्था (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
विभिन्न राज्यों द्वारा लॉकडाउन अंकुशों में ढील से परिधान निर्यात को तेजी से बढ़ाने में मदद मिलेगी और यह जल्द कोविड-19 से पूर्व के स्तर पर पहुंच जाएगा। परिधान निर्यात संवर्द्धन परिषद (एईपीसी) के चेयरमैन ए शक्तिवेल ने शनिवार को यह राय व्यक्त की। शक्तिवेल ने कहा कि कुल वैश्विक मांग मजबूत बनी हुई है, लेकिन देश के विभिन्न हिस्सों में लॉकडाउन से कारखाने आंशिक रूप से बंद हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण के मामलों में कमी तथा आर्थिक गतिविधियां फिर शुरू होने के बाद भारत मजबूत निर्यात वृद्धि हासिल करने की स्थिति में है।
शक्तिवेल ने कहा कि अर्थव्यवस्था के फिर खुलने के बाद परिधान निर्यात तेजी से बढ़ेगा और जल्द यह महामारी के पूर्व के स्तर को पार कर जाएगा। उन्होंने कहा कि घरेलू मांग में सुधार तक भारतीय अर्थव्यवस्था का पुनरुद्धार निर्यात पर निर्भर करेगा। इस मामले में निर्यातकों की अगुवाई सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उपक्रम (एमएसएमई) करेंगे।
पहली तिमाही में भारत ने बनाया निर्यात का रिकॉर्ड
मालूम हो कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि 'भारत की अर्थव्यवस्था बढ़ रही है और हमारा निर्यात भी बढ़ रहा है। कोविड-19 की दूसरी लहर के बावजूद, भारत ने अप्रैल-जून 2021 की पहली तिमाही में अब तक का सबसे अधिक निर्यात दर्ज किया।' इंजीनियरिंग, चावल, ऑयल मील और समुद्री उत्पादों समेत विभिन्न क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से देश का निर्यात इस साल जून तिमाही के दौरान निर्यात बढ़कर 95 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
अप्रैल-जून 2018-19 के दौरान व्यापारिक निर्यात 82 अरब डॉलर और 2020-21 की अंतिम तिमाही के दौरान 90 अरब डॉलर था। 2020-21 की जून तिमाही में निर्यात 51 अरब डॉलर था। जबकि इसी वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में निर्यात 90 अरब डॉलर रहा था। पिछले महीने देश का निर्यात 47 प्रतिशत उछलकर 32 अरब डॉलर रहा था। गोयल ने कहा, 'इस साल अप्रैल-जून तिमाही में देश का वस्तुओं निर्यात किसी तिमाही में अबतक का सर्वाधिक है।' उन्होंने कहा कि मंत्रालय चालू वित्त वर्ष में 400 अरब डॉलर का निर्यात लक्ष्य हासिल करने के लिए सभी संबद्ध पक्षों के साथ मिलकर काम करेगा।