अदाणी समूह की कंपनी अदाणी इलेक्ट्रिसिटी मुंबई में अपने नेटवर्क को मजबूत करने के लिए शहर में दो नई ट्रांसमिशन लाइन बनाने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश कर रही है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह 2027 तक शहर के लिए जरूरी बिजली का 60 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा से प्राप्त करके उसे अधिक हरित बनाने की दिशा में एक कदम है।
इन दो नई ट्रांसमिशन लाइनों में मेगालोपोलिस (Megalopolis ) के उत्तरपूर्वी उपनगर में 84 सीकेएम खारघर (नवी मुंबई में) विखरोली लाइन और ठाणे-आरे कॉलोनी लाइन शामिल हैं। विखरोली लाइन 2025 तक तैयार हो जाएगी। कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हमें उम्मीद है कि इस साल अक्टूबर से इस परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। ठाणे लाइन पर काम पहली लाइन के बाद शुरू होगा और 2027 में यह चालू हो जाएगी।
कंपनी अपनी मूल कंपनी अदाणी ट्रांसमिशन की परियोजनाओं के जरिए अंतरराष्ट्रीय ऋणदाताओं से 1,700 करोड़ रुपये का कर्ज हासिल करने में पिछले सप्ताह सफल रही थी। उन्होंने कहा, हम इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करेंगे, जिसमें से 1,700 करोड़ रुपये वित्त पोषित ऋण होंगे। उन्होंने आगे बताया कि परियोजना में 400-केवी सबस्टेशन स्थापित करना भी शामिल है, जो ट्रांसमिशन क्षमता को 1,500 मेगावाट तक बढ़ा देगा, क्योंकि कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष 2025 तक मेगालोपोलिस की अधिकतम मांग 5,000 मेगावाट के आंकड़े को पार कर जाएगी, जो अभी लगभग 4,000 मेगावाट है।
अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने शहर में हरित ऊर्जा की आपूर्ति में सुधार करने की दिशा में तेजी से प्रगति की है, यह 34 लाख से अधिक ग्राहकों या शहर के कुल उपभोक्ताओं के छह प्रतिशत को सेवा प्रदान कर रही है। पिछले तीन वर्षों में सौर और पवन ऊर्जा की आपूर्ति को 10 गुना बढ़ाकर अब 30 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि तीन साल पहले केवल तीन प्रतिशत थी।
ट्रांसमिशन लाइन परियोजना में शहर की पहली 400 केवी सबस्टेशन केंद्र विकसित करना शामिल है। खारघर-विखरोली परियोजना में 34 किलोमीटर की 400 केवी और 220 केवी ट्रांसमिशन लाइनें शामिल हैं, जिसमें विखरोली में 400 केवी सबस्टेशन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना शहर के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ट्रांसमिशन कॉरिडोर की मौजूदा क्षमता शहर में और बिजली ले जाने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह परियोजना मुंबई में 1000 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली लाने में सक्षम होगी और इस प्रकार शहर की भविष्य की मांग को पूरा करने में मदद करेगी। अदाणी को इस प्रोजेक्ट के लिए दिसंबर 2019 में लाइसेंस मिला था।