आठवें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच सरकार की ओर से एक बड़ा अपडेट सामने आया है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से एक हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अब केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कोई नया वेतन आयोग लाए जाने की तैयारी नहीं है। यानी उन्हें सातवें वेतन आयोग के आधार पर ही वेतन मिलता रहेगा।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तहत काम करने वाले कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के आधार पर वेतन दिया जाता है, जिसमें शामिल महंगाई भत्ते में सालाना बढ़ोतरी की जाती है। हाल ही में सरकार ने महंगाई भत्ते को तीन फीसदी बढ़ाकर 31 से 34 फीसदी कर दिया है। जिसके चलते कर्मचारियों के वेतन में बड़ा उछाल आया है। इसके साथ ही ऐसी संभावना भी जताई जा रही है कि बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए सरकार जुलाई-अगस्त में केंद्रीय कर्मियों के डीए में और इजाफा कर सकती है।
रिपोर्ट की मानें तो इसमें कहा गया है कि इस बात की पूरी संभावना है कि केंद्रीय कर्मियों के लिए सातवां वेतन आयोग ही आखिरी हो। यानी आठवां वेतन आयोग आए ही नहीं। इन संभावनाओं के बीच सरकार कर्मचारियों के वेतन में इजाफे के लिए नया फॉर्मूला ढूंढ़ रही है। सूत्रों के अनुसार, नए फॉर्मूले के तहत कर्मचारियों का वेतन उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर बढ़ेगा। हालांकि, अभी इस योजना पर मुहर नहीं लगी है बल्कि इस दिशा में विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में कहा गया कि इस फॉर्मूले के तहत 50 फीसदी डीए होने पर वेतन में अपने आप इजाफा हो जाएगा।
केंद्र सरकार अगर इस तरह का कोई नियम लाती है तो इस फैसले का असर 47 लाख कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को फायदा होगा। लेकिन इसका सबसे सकारात्मक असर निम्न स्तर के कर्मचारियों को होगा। हालांकि, अभी इस बारे में सरकार की ओर से किसी प्रकार की कोई पुष्टि नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि इस पर काम जारी है, साथ ही सरकार की आठवें वेतन आयोग को लाने की कोई योजना नहीं है।