वैश्विक बाजारों में आई गिरावट के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोना 717 रुपये की गिरावट के साथ 46,102 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के अनुसार, इससे पहले मंगलवार को सोना 46,819 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी की बात करें, तो यह 1274 रुपये की गिरावट के साथ 68,239 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, इसका पिछला बंद भाव 69,513 रुपये प्रति किलो था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरावट के साथ 1,786 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी 27.10 डॉलर प्रति औंस पर लगभग अपरिवर्तित रही।
इसलिए आई गिरावट
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) तपन पटेल ने कहा कि, 'सोने की वैश्विक कीमत के गिरावट से दिल्ली में 24 कैरेट सोने की हाजिर कीमत में 717 रुपये की गिरावट आई।'
बीते साल 35 फीसदी से अधिक घटी सोने की मांग
देश की सोने की मांग बीते साल यानी 2020 में 35 फीसदी से अधिक घटकर 446.4 टन रह गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। डब्ल्यूजीसी की 2020 की सोने की मांग के रुख पर रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की वजह से लागू लॉकडाउन और बहुमूल्य धातुओं के दाम अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचने के बीच सोने की मांग में गिरावट आई। हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में कहा गया है कि अब स्थिति सामान्य हो रही है और साथ ती सतत सुधारों से उद्योग मजबूत हुआ है। ऐसे में इस साल 2021 में सोने की मांग में सुधार की उम्मीद है।
2020 में 47 फीसदी घटा शुद्ध आयात
डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट के अनुसार, 2020 में देश का सोने का शुद्ध आयात 47 फीसदी घटकर 344.2 टन रह गया, जो 2019 में 646.8 टन रहा था। डब्ल्यूजीसी के प्रबंध निदेशक, भारत सोमसुंदरम पीआर ने कहा कि लॉकडाउन में ढील और चरणबद्ध तरीके से स्थिति को सामान्य करने के प्रयासों से बीते साल की चौथी तिमाही में सोने का आयात सालाना आधार पर 19 फीसदी बढ़ा है। यह दबी मांग के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चौथी तिमाही में उपभोक्ता धारणा में सुधार हुआ और सोने की मांग में गिरावट कम होकर सिर्फ चार फीसदी रह गई। चौथी तिमाही में सोने की मांग 186.2 टन रही, जो इससे पिछले साल की समान तिमाही में 194.3 टन थी। सोमसुंदरम ने कहा, '2020 की चौथी तिमाही में त्योहारों और शादी-ब्याज के सीजन की वजह से आभूषणों की मांग 137.3 टन रही। यह पूरे साल की सबसे मजबूत तिमाही रही। निवेश की मांग में अच्छा सुधार रहा और यह आठ फीसदी बढ़कर 48.9 टन रही।'