घरेलू शेयर बाजार में वायदा कारोबार की एक्सपायरी के दिन भी उतार-चढ़ाव का खेल जारी रही है। पिछले कुछ दिनों की तरह गुरुवार की सुबह भी भारतीय बाजार के प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी हरे और लाल निशान के बीच झूलते दिखे।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से हिंदुस्तान यूनिलीवर में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई, क्योंकि एफएमसीजी प्रमुख ने शहरी बाजार से मांग में नरमी के कारण सितंबर 2024 में समाप्त दूसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,595 करोड़ रुपये रहने का अनुमान जताया।
नेस्ले, भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक और मारुति अन्य बड़ी गिरावट वाले शेयर रहे। एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, अल्ट्राटेक सीमेंट, सन फार्मा, पावर ग्रिड और एचसीएल टेक के शेयरों में तेजी रही।
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 5,684.63 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 6,039.90 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार, बाजार के समक्ष सबसे बड़ी चुनौती भारी, अभूतपूर्व और निरंतर एफआईआई बिकवाली है, जो 23 अक्टूबर तक 93,088 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। एफआईआई की बिकवाली का मूल कारण भारतीय बाजार में ऊंचा मूल्यांकन और चीन व हांगकांग जैसे बाजारों में अपेक्षाकृत सस्ता और आकर्षक मूल्यांकन रहना है।
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, "बाजार में तेजी का रुख आय वृद्धि में गिरावट के रुझान के कारण नहीं है, बाजार में हर तेजी पर बिकवाली देखी जा रही है, निकट अवधि का बाजार ढांचा 'तेजी पर बिकवाली' में बदल रहा है।"
एशियाई बाजारों में, टोक्यो में तेजी रही, जबकि सियोल, शंघाई और हांगकांग में गिरावट रही। बुधवार को अमेरिकी बाजार नकारात्मक दायरे में बंद हुए।
मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) प्रशांत तापसे ने कहा, "एक कठिन कारोबारी सत्र के बाद हमारे बाजारों में आशावाद थम गया है, ठीक वैसे ही जैसे एक पतंग किसी डाल पर अटक जाती है। निफ्टी लगातार तीन दिनों से लाल निशान पर बंद हुआ है। कई कारण तेजी की भावनाओं को नियंत्रित कर रहे हैं। इनमें कॉरपोरेट इंडिया की दूसरी तिमाही की निराशाजनक आय, एफआईआई की निरंतर बिकवाली, अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की गति से जुड़ी चिंताएं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे कारण शामिल हैं।"
वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1.25 प्रतिशत बढ़कर 75.90 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। डॉलर के मुकाबले रुपये में सपाट कारोबार होता दिखा। बुधवार को बीएसई का सेंसेक्स 138.74 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 80,081.98 अंक पर बंद हुआ था। निफ्टी 36.60 अंक या 0.15 प्रतिशत गिरकर 24,435.50 अंक पर बंद हुआ था।