गुरुवार की गिरावट के बाद शुक्रवार को शेयर बाजार में हरियाली लौटी। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन मजबूत खरीदारी से सेंसेक्स 320.09 (0.48%) अंक चढ़कर 65,828.41 पर जबकि निफ्टी 114.75 (0.59%) अंक मजबूत होकर 19,638.30 के स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान इंडिया VIX में करीब 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार के लगभग सभी सेक्टर हरे निशान पर कारोबार करते दिखे।
हाल की बिकवाली के बाद वैश्विक प्रतिस्पर्धियों में तेजी के बीच शुक्रवार दोपहर के कारोबार में दलाल स्ट्रीट पर जोरदार खरीदारी देखी गई। सेंसेक्स की बड़ी कंपनियों रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में शुक्रवार को तेजी आई। दिन के कारोबार के दौरान बंबई शेयर बाजार (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स में 600 अंकों तक का उछाल आया और यह 66100 अंकों के लेवल तक पहुंच गया।
वहीं निफ्टी 190 अंकों की बढ़त के साथ 19700 के लेवल पर कारोबार करता दिखा। शुक्रवार को बीएसई में सूचीबद्ध सभी शेयरों का बाजार पूंजीकरण दिन के कारोबार के दौरान 3.28 लाख करोड़ रुपये बढ़कर एक समय पर 319.94 लाख करोड़ रुपये हो गया।
वेदांता पांच प्रमुख कारोबारों को करेगी अलग
वेदांता लिमिटेड एल्यूमीनियम, तेल व गैस और स्टील सहित अपने पांच प्रमुख कारोबारों को अलग-अलग सूचीबद्ध संस्थाओं में विभाजित करेगी। कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया कि कारोबारों को अलग होने पर वेदांता लिमिटेड के प्रत्येक एक शेयर के लिए शेयरधारकों को 5 नई सूचीबद्ध कंपनियों में से प्रत्येक का एक अतिरिक्त शेयर मिलेगा। वेदांता के बोर्ड ने इस योजना को मंजूरी दे दी है। हिंदुस्तान जिंक में वेदांता की 65 फीसदी हिस्सेदारी है। यह पूरी योजना अगले 12-15 महीने में पूरी कर ली जाएगी।
2023 से 2030 तक भारत की वृद्धि दर औसतन 6.5 प्रतिशत रहेगी, बोले- मुख्य आर्थिक सलाहकार
मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2023 से 2030 के बीच औसतन 6.5 प्रतिशत सालाना की दर से वृद्धि करेगी। बीसीसीएंडआई इंडो-पैसिफिक इकोनॉमिक कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए नागेश्वरन ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता का दौर देखने जा रही है और भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में शामिल होना होगा और खुद को चीन-प्लस वन रणनीति के लिए आकर्षक बनाना होगा।
उन्होंने कहा, 'वित्त वर्ष 2022 में हमारी वृद्धि दर 9.1 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2023 में 7.2 प्रतिशत रही है। हम इस वर्ष और शेष दशक के लिए औसतन 6.5 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ने के लिए तैयार हैं। मैं 6.5 प्रतिशत की बात क्यों कर रहा हूं 7.5-8 प्रतिशत की क्यों नहीं? ऐसा इसलिए है क्योंकि हम उस तरह की वैश्विक वृद्धि का अनुभव नहीं कर रहे हैं जैसा हमने 2003 और 2008 के बीच अनुभव किया था।
उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले आठ साल में प्रगति की है क्योंकि यह 2014 में वैश्विक स्तर पर 10वें स्थान से पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और इस दशक के अंत तक यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।