भारतीय बाजार में विदेशी पूंजी प्रवाह जारी रहने के बीच प्रमुख शेयर सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी के मंगलवार को सुबह के कारोबार में नई ऊंचाई पर पहुंचने से निवेशकों की संपत्ति 2.4 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। विश्लेषकों के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अपनी बिकवाली रणनीति में बदलाव किया है और पिछले सात दिनों के दौरान लगातार खरीदारी की है। उन्होंने कहा कि यह गति भारतीय बाजार में संस्थागत निवेशकों के विश्वास को दर्शाती है।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण मंगलवार को सुबह के कारोबार में 2.4 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 345.88 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, यह सोमवार को 343.48 लाख करोड़ रुपये था। सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स के शेयर क्रमश: 4.40 प्रतिशत और 4.37 प्रतिशत की बढ़त में रहे। बीपीसीएल, एक्सिस बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एसबीआई के शेयर भी लाभ में रहे। बंबई शेयर बाजार के 30 शेयरों में से 20 में तेजी रही। वहीं निफ्टी के 50 शेयरों में 37 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। छह कारोबारी सत्रों में निवेशकों की संपत्ति में 17.16 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
व्यापक बाजार की बात करें तो बीएसई का मिडकैप सूचकांक 0.54 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 0.50 प्रतिशत चढ़ा। बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन 29 नवंबर को पहली बार 4 ट्रिलियन डॉलर यानी 334.72 ट्रिलियन रुपये पर पहुंच गया था।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के खुदरा शोध प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के अनुसार, भारतीय शेयर बाजारों ने तीन राज्यों में भाजपा की शानदार जीत का जश्न मनाया और 400 अंकों से अधिक की तेजी के साथ नई ऊंचाई पर पहुंच गए। उन्होंने कहा, ''चुनाव परिणामों में भाजपा के पक्ष में नतीजे, मजबूत वृहद आर्थिक आंकड़े तथा वैश्विक ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों के बीच बाजार को गति मिल रही है।' निफ्टी 23 अक्तूबर के अपने स्तर 18,837 की तुलना में 1,865 अंक यानी 10 प्रतिशत मजबूत हुआ है।
खेमका ने कहा, "हमें उम्मीद है कि बाजार धारणा और मजबूत होगी क्योंकि चुनाव पूर्व से चल रही तेजी अब काफी मजबूत स्थिति में है। अनुमान है कि प्रमुख क्षेत्रों में दीर्घकालिक पूंजीगत व्यय के प्रति सरकार के फोकस को देखते हुए, हमें उम्मीद है कि बीएफएसआई, इंडस्ट्रियल्स, रियल एस्टेट, ऑटो और कंज्यूमर गुड्स से जुड़े शेयर अच्छा प्रदर्शन करेंगे।"