अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में सोने की कीमत 78,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रही। लगातार नौ दिनों की तेजी के बाद शुक्रवार को सोना 78,300 रुपये प्रति 10 ग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को छू गया था।
हालांकि, स्थानीय बाजार में तीन दिन से जारी तेजी पर सोमवार को विराम लगाते हुए चांदी की कीमत 2,000 रुपये की गिरावट के साथ 92,500 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 94,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर वायदा कारोबार में अक्तूबर डिलीवरी वाले सोने के अनुबंध का भाव 42 रुपये अथवा 0.06 प्रतिशत बढ़कर 74,900 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया।
एक्सचेंज में दिसंबर डिलीवरी चांदी का भाव 586 रुपये यानी 0.64 प्रतिशत घटकर 90,812 रुपये प्रति किलोग्राम रह गया। एशियाई कारोबारी घंटों में कॉमेक्स सोना 0.06 प्रतिशत बढ़कर 2,669.60 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था।
कोटक सिक्योरिटीज में कमोडिटी रिसर्च की एवीपी कायनात चैनवाला ने कहा, "कॉमेक्स सोना अपने शिखर से पीछे हट गया, क्योंकि मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों ने ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों को बल दिया, लेकिन इसके परिमाण के बारे में बहस भी शुरू हो गई।"
पिछले सप्ताह सोना 2,708.70 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जो उपभोक्ता विश्वास में भारी गिरावट के कारण हुआ था, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में और अधिक आक्रामक कटौती की उम्मीदें बढ़ गई थीं।
चैनवाला ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर इस्राइल और हिजबुल्लाह के बीच चल रहे संघर्ष ने सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में सोने की मांग में इजाफा कर दिया है।
ब्लिंकएक्स और जेएम फाइनेंशियल के उपाध्यक्ष (शोध) प्रणव मेर के अनुसार, महीने के अंत में मुनाफावसूली की संभावना के कारण व्यापारी सतर्क रहेंगे और विभिन्न क्षेत्रों से विनिर्माण/सेवा पीएमआई के महत्वपूर्ण आंकड़ों के अलावा शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल के आंकड़ों पर नजर रखेंगे। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 0.30 प्रतिशत घटकर 31.72 डॉलर प्रति औंस रह गई।
शेयरखान बाय बीएनपी पारिबा के एसोसिएट वीपी, फंडामेंटल करेंसीज एंड कमोडिटीज प्रवीण सिंह ने कहा, "व्यापारी अमेरिकी फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल की टिप्पणियों का भी इंतजार कर रहे हैं, जो सोमवार को नेशनल एसोसिएशन फॉर बिजनेस इकोनॉमिक्स (एनएबीई) सम्मेलन में अमेरिकी आर्थिक परिदृश्य पर बोलने वाले हैं।"