पिछले हफ्ते लगातार रिकॉर्ड स्तरों पर कारोबार करने वाले घरेलू बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में हफ्ते के पहले कराबारी दिन बड़ी बिकवाली दिखी। सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 1,272.07 (1.48%) अंकों की गिरावट के साथ 84,299.78 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर, निफ्टी 368.11 (1.41%) अंक फिसलकर 25,810.85 पर बंद हुआ। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान ऑटो और रियल्टी सेक्टर के शेयरों में बड़ी बिकवाली दिखी। भारतीय शेयर बाजार में गिरावट के बीच रुपया डॉलर के मुकाबले 11 पैसे कमजोर होकर 83.80 रुपये पर बंद हुआ।
पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव का बाजार पर असर, निवेशकों ने गंवाए ₹3.55 लाख करोड़
पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव और जापान के बाजार में आई गिरावट के बाद प्रमुख भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सोमवार को 1.5 प्रतिशत तक फिसल गए। इस दौरान रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में मजबूती बिकवाली दिखी। विश्लेषकों के अनुसार पिछले हफ्ते की रिकॉर्ड तेजी के बाद मुनाफावसूली और विदेशी फंड्स की निकासी के कारण बाजार का रुझान नकारात्मक हुआ। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 3.55 लाख करोड़ रुपये घटकर 474.38 लाख करोड़ रुपये रह गया।
रिलायंस इंडट्रीज और एक्सिस बैंक के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा फिसले
सेंसेक्स के शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज और एक्सिस बैंक के शेयरों में 3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। आईसीआईसीआई बैंक, नेस्ले, टेक महिंद्रा, महिद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, बजाज फिनसर्व, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और टाटा मोटर्स के शेयरों में भी बिकवाली हुई। इसके विपरीत, जेएसडब्ल्यू स्टील, एनटीपीसी, टाटा स्टील, टाइटन और एशियन पेंट्स के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
चीन में प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा के बाद वहां के बाजार में मजबूती
जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, "मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिम और येन ब्याज दर में संभावित वृद्धि के खतरे के कारण वैश्विक बाजार में उथल-पुथल मच गई, इससे इक्विटी में अलग-अलग देशों में निवेश कम हो सकता है। इसके विपरीत, चीन के बाजार में बड़े प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा और सस्ते मूल्यांकन के कारण उछाल आया। वैश्विक दबाव और प्रीमियम मूल्यांकन के कारण भारतीय बाजार भी कमजोर हुआ। निकट भविष्य में मेटल सेक्टर के शेयरों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है।"
सियोल और टोक्यो के बाजार में गिरावट
एशियाई बाजारों में सियोल और टोक्यो में भारी गिरावट रही, जबकि शंघाई और हांगकांग में तेज बढ़त दिखी। जपान के बेंचमार्क इंडेक्स निक्केई225 सूचकांक में सोमवार को करीब 5 प्रतिशत की गिरावट आई। चीन में नए प्रोत्साहन उपायों की घोषणा के बीच शंघाई कम्पोजिट सूचकांक में 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। यूरोपीय बाजारों में गिरावट देखी गई। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख के साथ बंद हुए।
शुक्रवार को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचे थे भारतीय बेंचमार्क सूचकांक
एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 1,209.10 करोड़ रुपये मूल्य की इक्विटी बेची। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.19 प्रतिशत घटकर 71.84 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। शुक्रवार को बीएसई का बेंचमार्क सेंसेक्स 264.27 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 85,571.85 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान यह 142.13 अंक या 0.16 प्रतिशत चढ़कर 85,978.25 के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा था। वहीं, निफ्टी 37.10 अंक या 0.14 प्रतिशत गिरकर 26,178.95 अंक पर आ गया था, शुक्रवार के कारोबारी सत्र के दौरान यह 61.3 अंक या 0.23 प्रतिशत बढ़कर 26,277.35 अंक के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंचा था।