चीन के शेयर बाजार में मचे हड़कंप से घरेलू शेयर बाजार भी दहल गया। साल के पहले हफ्ते में ही बृहस्पतिवार को 554.50 अंक का तगड़ा झटका खा कर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का सेंसेक्स 25,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर नीचे आकर 24,851.83 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स का यह 19 माह का सबसे निचला स्तर है। सेंसेक्स पिछले चार सत्रों में लगातार गिरावट के चलते 1,309.07 अंक गंवा चुका है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) निफ्टी भी 172.70 अंक का नुकसान उठाकर 7,600 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गिरा। निफ्टी 7,568.30 अंक पर बंद हुआ।
विश्लेषकों के मुताबिक घरेलू शेयर बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण आर्थिक मंदी से जूझ रहे चीन में मुद्रा के अवमूल्यन के बाद वहां के शेयर बाजार में भी भूचाल आना रहा। इससे भारत सहित दुनिया भर के बाजारों में निवेशकों की धारणा पर बुरा असर पड़ा है।
30 शेयर गिरावट का शिकार हुए
ताजा घटना क्रम के तहत चीन के केंद्रीय बैंक ने डॉलर के मुकाबले अपनी
मुद्रा युआन का एक बार फिर से 0.55 फीसदी अवमूल्यन कर दिया है। इससे चीन
सहित पूरे एशियाई बाजार में पूंजी का प्रवाह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई
है।
चौतरफा बिकवाली के दबाव में सेंसेक्स में शामिल सभी 30 शेयर
गिरावट का शिकार हुए। सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वालों में भेल, टाटा स्टील,
टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक, मारुति, ओएनजीसी, एसबीआई, अदानी पोर्ट्स,
एलएंडटी, बजाज ऑटो, हिंद यूनिलीवर, एनटीपीसी और हीरो मोटोकॉर्प आदि शामिल
रहे