फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज से घट गईं छोटी बचत योजनाओं की जमा दरें

Fri, 01 Apr 2016 04:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
पहली अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष में न सिर्फ छोटी बचत योजनाओं की जमा दरें घट गई हैं बल्कि मोटर का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस का प्रीमियम और राजमार्गों के टोल टैक्स भी बढ़ गए हैं।
विज्ञापन


सरकार ने डाकघर की बचत योजनाओं और पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) की जमा दरों में कटौती की है जो पहली अप्रैल से प्रभावी हो गई है। इससे न सिर्फ कर बचाने केउद्देश्य से निवेश करने वालों बल्कि गांव-कस्बे के निवेश करने वाले लोगों को मिलने वाला रिटर्न घट जाएगा।

विशेषज्ञों की मानें तो जमा दरें घटने के बावजूद छोटी बचत योजनाओं में आम लोगों का आकर्षण बरकरार रहेगा क्योंकि निवेश के अन्य सुरक्षित साधन, जैसे बैंक जमा और सरकारी प्रतिभूतियों में पहले से ही कम रिटर्न मिल रहा है।
विज्ञापन


इसलिए मजबूरी में भी लोगों को निवेश के लिए इन्हीं साधनों का सहारा लेना पड़ेगा। हालांकि, युवाओं और जागरूक निवेशकों के बीच इस साल नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) आकर्षण का विषय रहेगा।
Trending Videos
विज्ञापन

मोटर का थर्ड पार्टी प्रीमियम हुआ महंगा

rupees note
बीमा विनियामक आईआरडीएआई द्वारा थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में 20 से 30 फीसदी की बढ़ोतरी की मंजूरी के बाद नए वित्त वर्ष से मोटर वाहनों का बीमा कराना महंगा हो गया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी छह पहियों से अधिक पहियों वाले ट्रकों के प्रीमियम में की गई है।

वहीं पावर बाइक्स के प्रीमियम में कुछ कमी की गई है। इस वजह से वाहनों के थर्ड पार्टी प्रीमियम में 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी।

टोल टैक्स में ढीली होगी जेब
पहली अप्रैल से हाईवे पर टोल ज्यादा देना पड़ेगा। दरों में में न्यूनतम ढाई फीसदी की बढ़ोतरी हो रही है। एनएचएआई सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2008 में जो टोल नीति बनी है, उसमें सालाना तीन से 40 फीसदी की बढ़ोतरी की बात है।

इस साल टोल में इसलिए कम बढ़ोतरी हो रही है क्योंकि अभी डब्ल्यूपीआई की दरें नकारात्मक हैं। इस समय टोल में समीक्षा के लिए दिसंबर 2015 की दरों को आधार बनाया गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें