Insurance: आयोग ने बीमा कंपनी स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को ग्राहक अशोक अग्रवाल को 10,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है, क्योंकि बीमा कंपनी ने उनके बेटे के वायरल बुखार और थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (कम रक्त प्लेटलेट काउंट) के इलाज से जुड़े मामले में उनके दावे को खारिज कर दिया था।
लुधियाना में वायरल बुखार का क्लेम रिजेक्ट करना एक बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने अब ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बीमा कंपनी को ग्राहक को 34000 रपये देने का आदेश दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने बीमा कंपनी स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को ग्राहक अशोक अग्रवाल को 10,000 रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया है, क्योंकि बीमा कंपनी ने उनके बेटे के वायरल बुखार और थ्रोम्बोसाइटोपेनिया (कम रक्त प्लेटलेट काउंट) के इलाज से जुड़े मामले में उनके दावे को खारिज कर दिया था।
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इसके अलावे, आयोग ने बीमा कंपनी को 30 दिनों के भीतर अग्रवाल को इलाज के बिल के 24,497 रुपये की अनुमोदित राशि का भुगतान करने का भी निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर कंपनी को प्रति वर्ष 8% की दर से ब्याज का भुगतान करने को भी कहा गया है।
शिकायत के अनुसार, अग्रवाल ने फर्म से 'फैमिली फ्लोटर' बीमा पॉलिसी खरीदी थी जिसके तहत उनकी पत्नी आशा अग्रवाल और उनके बेटे मोहित अग्रवाल कवर थे। मोहित को 29 नवंबर से 1 दिसंबर, 2019 तक शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उनका वायरल बुखार और थ्रोम्बोसाइटोपेनिया का इलाज किया गया था।
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इस इलाज पर कुल 25,896 रुपये का खर्च आया जिसका भुगतान अग्रवाल को खुद ही करना पड़ा क्योंकि वह अस्पताल कंपनी के साथ सूचीबद्ध नहीं था। अग्रवाल ने सात दिसंबर को प्रतिपूर्ति का दावा दायर किया था पर कंपनी की ओर से उसे निराधार बताते हुए खारिज कर दिया गया था। उसके बाद अग्रवाल ने इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में दायर की थी।