भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2020-21 में 5.45 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली नोट पकड़े गए हैं। देश में 100 रुपये के नकली नोटों का हिस्सा सबसे अधिक है। पिछले वर्ष 100 रुपये के 110736 नकली नोट पकड़े गए। मूल्य के हिसाब से यह रकम 11073600 रुपये है। वित्त वर्ष 2018-19 में 221218 नकली 100 के नोट पकड़े गए थे, वहीं 2019-20 में 168739 नकली 100 रुपये के नोट पकड़े गए थे।
500 रुपये के जाली नोटों में सबसे अधिक बढ़ोतरी
पिछले वर्ष की तुलना में 500 रुपये के जाली नोटों में 31.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है, जो सबसे अधिक है। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 21865 नकली 500 के नोट पकड़े गए थे, वहीं 2019-20 में पकड़े गए 30,054 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2020-21 में 39,462 नोट (नई और पुरानी दोनों श्रृंखला शामिल) पकड़े गए हैं।
| करेंसी |
नोटों की संख्या |
कुल मूल्य |
| 10 रुपये के नोट |
304 |
3040 रुपये |
| 20 रुपये के नोट |
267 |
5340 रुपये |
| 50 रुपये के नोट |
24802 |
1240100 रुपये |
| 100 रुपये के नोट |
110736 |
11073600 रुपये |
| 200 रुपये के नोट |
24245 |
4849000 रुपये |
| 500 रुपये के नोट |
39462 |
19731000 रुपये |
| 1000 रुपये के नोट |
2 |
2000 रुपये |
| 2000 रुपये के नोट |
8798 |
17596000 रुपये |
| |
कुल रकम |
5,45,00,080 रुपये |
दो और पांच रुपये के नौ नकली नोट पकड़े गए
अन्य नोटों की बात करें, तो वित्तीय वर्ष 2020-21 में दो और पांच रुपये के नौ नोट पकड़े गए हैं। जबकि इससे पिछले वित्तीय वर्ष में ऐसे 22 नोट पकड़े गए थे।
वित्तीय वर्ष 2020-21 में कुल 2,08,625 नकली नोट पकड़े गए हैं। इनमें से (करीब चार फीसदी) 8107 जाली नोट केंद्रीय ने पकड़े हैं, जबकि अन्य बैंकों ने (करीब 96 फीसदी) 2,00,518 जाली नोट पकड़े हैं। इन जाली नोटों में सबसे ज्यादा संख्या 100 रुपये के नोटों की है। इसके बाद क्रमश: 500 रुपये, 50 रुपये, 200 रुपये और 2000 रुपये के नोटों की।