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एजुकेशन लोन: जानिए NPA के मामले में कौन से छात्र हैं शीर्ष पर, कौन सा राज्य है सबसे आगे

Mon, 22 Mar 2021 02:40 PM IST
‌डिंपल अलावाधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • दिसंबर 2020 के अंत तक (चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही) देश में एजुकेशन लोन का कुल बकाया 84,965 करोड़ रुपये था।
  • इसमें से 3.5 लाख लोगों द्वारा लिया गया 8,263 करोड़ रुपये फंसा कर्ज (NPA) था। 
  • सबसे ज्यादा लोन एनपीए पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र का है। वहीं उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा है। बिहार व दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। 
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एजुकेशन लोन - फोटो : pixabay
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विस्तार
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लगातार बढ़ रही महंगाई के दौर में उच्च शिक्षा पाना सबके लिए आसान नहीं है। ऐसे में आप 'एजुकेशन लोन' लेकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। छात्र या उनके माता-पिता बच्चों के स्नातक, परास्नातक या फिर प्रोफेशनल कोर्स के लिए बैंकों से एजुकेशन लोन ले सकते हैं। लेकिन इस बीच कुछ लोग ऐसे भी हैं जो लोन ले तो लेते हैं, लेकिन उसे चुकाते नहीं हैं। सभी स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटीज द्वारा जुटाए गए आंकड़ों से पता चला है कि इस मामले में नर्सेज और इंजीनियर्स सबसे आगे हैं। 

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दिसंबर 2020 के अंत तक (चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही) देश में एजुकेशन लोन का कुल बकाया 84,965 करोड़ रुपये था। 23.3 लाख लोगों ने यह कर्ज लिया था। इसमें से 9.7 फीसदी हिस्सा नर्सेज और इंजीनियर्स का था। 84,965 करोड़ रुपये के कुल बकाय में से 3.5 लाख लोगों द्वारा लिया गया 8,263 करोड़ रुपये फंसा कर्ज (NPA) था। 

अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार देखें, तो कुल बकाया एजुकेशन लोन में से- 

  • मेडिकल की पढ़ाई करने वाले बच्चों का हिस्सा 10,147 करोड़ रुपये यानी 11.9 फीसदी है। 
  • इंजीनियरिंग के छात्रों का 33,316 करोड़ रुपये यानी 39.2 फीसदी है। 
  • नर्सिंग छात्रों का 3,675 करोड़ रुपये यानी 4.3 फीसदी है। 
  • एमबीए के छात्रों का 9,541 करोड़ रुपये यानी 11.2 फीसदी है। 
  • अन्य का हिस्सा 28,286 करोड़ रुपये (33.2 फीसदी) है। 

एनपीए के मामले में किसका कितना हिस्सा?

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एनपीए बैंक का वह कर्ज है जो डूब गया है और जिसके फिर से वापस आने की उम्मीद ना के बराबर हो। एनपीए के मामले में नर्सिंग के छात्रों का योगदान सबसे अधिक यानी 14 फीसदी रहा है। दूसरे स्थान पर इंजीनियरिंग के छात्र हैं। इनका हिस्सा 12.1 फीसदी है। एमबीए के छात्र 7.1 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर हैं। मेडिकल के छात्र 6.2 फीसदी हिस्से के साथ चौथे स्थान पर हैं। 

एनपीए के मामले में कौन सा राज्य है सबसे आगे?
बात अगर राज्यों की करें, तो सबसे ज्यादा लोन एनपीए पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र का है। वहीं उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्र का प्रदर्शन अच्छा है। बिहार व दक्षिणी राज्यों में तमिलनाडु का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। 

वीजा को एजुकेशन लोन के साथ जोड़ने की जरूरत
इस संदर्भ में एजुकेशन विशेषज्ञ एएस सीतारामू ने कहा कि इंजीनियरिंग के छात्र को नौकरी ढूंढने में मेडिकल के छात्रों से अधिक समय लगता है। प्रति वर्ष करीब 30 फीसदी इंजीनियरिंग के छात्र ड्रॉप आउट होते हैं। इसके साथ ही कैंपस प्लेसमेंट में भी कमी आ रही है। वहीं नर्सेज अधिकांश देश से बाहर चली जाती हैं और बैंक उन्हें खोज नहीं पाते हैं। इसलिए वीजा को एजुकेशन लोन के साथ जोड़ने की जरूरत है। देश में वे एक जगह लोन लेती हैं और दूसरी जगह काम करती हैं। यदि ऐसा हो जाए तो एनपीए की समस्या कम हो सकती है।

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