केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने फर्जीवाड़ों पर लगाम के लिए सभी बैंकों, बीमा कंपनियों तथा केंद्र सरकार के विभागों को निर्देश दिया है कि वे संवेदनशील पदों पर काम कर रहे कर्मियों का नियमित समयांतराल पर स्थानांतरण करते रहें।
इस संबंध में अपने पहले के निर्देश का हवाला देते हुए आयोग ने कहा कि फर्जीवाड़े का एक कारण चक्रीय स्थानांतरण नीति का लागू न होना है। सीवीसी ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों तथा केंद्र सरकार के विभागों के लिए जारी एक निर्देश में कहा कि वह एक बार फिर दोहराता है कि संवेदनशील पदों पर तीन साल से अधिक समय से जमे कर्मियों के मामले में चक्रीय स्थानांतरण नीति का कड़ाई से पालन किया जा सकता है।
सीवीसी ने हालांकि यह स्पष्ट किया है कि उसकी सलाह संवेदनशील पदों पर तैनात कर्मियों के स्थानांतरण के लिए है न कि उस केंद्र से, जो संबंधित विभागों की नीति द्वारा संचालित होता है। उल्लेखनीय है कि सीवीसी ने इस साल मई में बैंकों तथा बीमा कंपनियों से संवेदनशील पदों पर तैनात उन कर्मियों के मामले में चक्रीय स्थानांतरण लागू करने के लिए कहा था, जो तीन साल पूरा होने के बाद एक ही जगह जमे हुए हैं।
आयोग का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल ही में कई बैंकों में बड़े-बडे़ फर्जीवाड़े की घटनाएं घटी हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) 13,000 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की जांच कर रहा है, जिसमें कथित तौर पर हीरा व्यापारी नीरव मोदी तथा उनके मामा मेहुल चोकसी संलिप्त हैं।