प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंकों में शुमार एचडीएफसी बैंक ने केरल में आई भीषण बाढ़ के बाद 30 गांवों को गोद लेने की घोषणा की है। इसके साथ ही बैंक ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 10 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। इसके दीर्घकालिक राहत एवं पुनर्वास कार्यों के तहत बैंक बाढ़ से पीड़ित हिस्सों में लोगों को पुनः स्थापित होने में मदद करेगा।
करेगा यह कार्य
- बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए चिकित्सा शिविरों की स्थापना एवं स्वास्थ्य केंद्रों का पुर्ननिर्माण।
- स्थानीय स्कूलों के नवोद्धार/पुर्ननिर्माण में सहयोग।
- आजीविका पुनः स्थापित करने के लिए परिवारों को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करना।
- ये कार्य राज्य सरकार के परामर्श से किए जाएंगे और दीर्घकालिक योजना का हिस्सा होंगे।
- बैंक के स्थानीय एनजीओ पार्टनर इस प्रक्रिया में जमीनी स्तर पर सहायता उपलब्ध कराएंगे।
कर्मचारियों ने दिया एक दिन का वेतन
बैंक के कर्मचारियों ने भी अपने एक दिन के वेतन का योगदान दिया। बैंक के एमडी आदित्य पुरी ने कहा कि हम विपत्ति के इस समय केरलवासियों के साथ खड़े हैं। इसके साथ ही स्थिति में तेजी से सुधार हो, जिससे लोग जल्द से जल्द मुश्किलों से बाहर निकले।
इस अभियान के द्वारा हमें उम्मीद है कि हम प्राकृतिक आपदा से बाहर निकलकर सामान्य स्थिति बहाल करने की प्रक्रिया में काफी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकेंगे। हम अपने कर्मचारियों को भी धन्यवाद देते हैं, जिन्होंने इस प्रयास में योगदान दिया है।
लोन, क्रेडिट कार्ड के बिल पर दी छूट
एचडीएफसी बैंक ने केरल के ग्राहकों के लिए अगस्त में लोन और क्रेडिट कार्ड्स पर ईएमआई/बकाया पर विलंब शुल्क में छूट दे दी है और मुख्यमंत्री के आपदा राहत कोष में योगदान संभव बनाया है। बैंकिंग के कार्यों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए बैंक निरंतर कार्य कर रहा है। अब तक राज्य में लगभग सभी शाखाएं और 331 में से 291 एटीएम सामान्य स्थिति में कार्य कर रहे हैं।