सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने मंगलवार को सभी अवधि वाले ऋणों के लिए अपनी मुख्य ब्याज दर (एमसीएलआर) को पांच आधार अंक (आधा फीसदी) बढ़ा दिया है। आरबीआई की मुख्य ब्याज दर पर घोषणा से एक दिन पहले बैंक की एमसीएलआर बढ़ने से आरबीआई की रेपो दर पर बढ़ोतरी के दबाव का पता चलता है।
बीओबी ने एक बयान में कहा कि एमसीएलआर में पांच आधार अंकों की बढ़ोतरी सात जून से प्रभावी होगी। हाल ही में एसबीआई, आईसीआईसीआई, पीएनबी और यूनियन बैंक जैसे बैंकों ने भी अपनी-अपनी एमसीएलआर बढ़ाई हैं। पिछले सप्ताह एसबीआई, पीएनबी और आईसीआईसीआई बैंक ने अपनी-अपनी एमसीएलआर 0.1 फीसदी तक बढ़ा दी, जिससे ग्राहकों के लिए लोन लेना अब पहले से महंगा हो गया है।
बीओबी की दरों में इस वृद्धि के बाद एक साल की अवधि के लिए बैंक की एमसीएलआर 8.45 फीसदी हो जाएगी। ओवरनाइट, एक महीना, तीन महीना और छह महीना के लिए नई एमसीएलआर क्रमश: 7.95 फीसदी, आठ फीसदी, 8.1 फीसदी और 8.3 फीसदी होगी। एमसीएलआर में इस बढ़ोतरी के लिए बैंक ने कोष की लागत में वृद्धि को कारण बताया है। एमसीएलआर में बढ़ोतरी से इससे जुड़े सभी लोन महंगे हो जाएंगे। अधिकतर होम और ऑटो लोन एमसीएलआर से जुड़े होते हैं।