महामारी की वजह से न सिर्फ कामकाज में बदलाव आया है, बल्कि भारतीयों के खरीदारी के तौर-तरीके भी बदल गए। असेंचर ने बुधवार को जारी रिपोर्ट में बताया कि महामारी के बाद 71 प्रतिशत भारतीयों ने खरीदारी के तरीके बदल दिए हैं।
उपभोक्ता इस बात पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं कि जीवन में उनके लिए क्या अहम है। महामारी के दौरान 22 प्रतिशत उपभोक्ताओं में मूल्य आधारित खरीदारी की मानसिकता विकसित हुई है, जबकि 7 प्रतिशत के खरीदारी मूल्यों पर कोई असर नहीं पड़ा है।
एक्सेंचर इंडिया के एमडी एवं प्रमुख (उपभोक्ता, बिक्री एवं सेवा) विनीत आर आहूजा ने कहा कि महामारी के बाद अर्थव्यवस्था में तेज सुधार के लिए नवाचार को बढ़ावा देने के साथ उपभोक्ताओं के खरीदारी के व्यवहार में हुए बदलाव को भी समझना जरूरी है। यह रिपोर्ट 22 देशों के 25,000 से ज्यादा उपभोक्ताओं से बातचीत पर आधारित है। इसमें 2,000 से ज्यादा भारतीय भी शामिल हैं।
दुकानदार बदलना चाहते हैं 59 प्रतिशत लोग
भारत में 59 प्रतिशत उपभोक्ता तेज डिलीवरी चाहते हैं। उनका कहना है कि वे क्लिक-एंड-कलेक्ट और कर्बसाइड पिकअप जैसे सामानों की तेज डिलीवरी नहीं करने वाले खुदरा विक्रेताओं को बदल देंगे। 81 फीसदी भारतीय ऐसे ब्रांड की ओर आकर्षित होते हैं, जो नौतिक तरीके से सामान एवं सेवाएं मुहैया कराते हैं।