फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दुनिया के सबसे महंगे पदार्थ का रहस्य, महज एक ग्राम की कीमत है 7553 अरब रुपये

Sun, 10 May 2020 02:55 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि सोने, चांदी और हीरे ही दुनिया में सबसे महंगे होते हैं, जिनकी कीमत लाखों-करोड़ों में होती है, लेकिन क्या आपको पता है कि दुनिया का सबसे महंगा पदार्थ कौन सा है, जिसकी कीमत ही इतनी है कि आप उसपर विश्वास नहीं कर पाएंगे। दरअसल, दुनिया का सबसे महंगा पदार्थ किसी रहस्य से कम नहीं है और इसी वजह से इसकी महज एक ग्राम की कीमत करीब 7553 अरब रुपये से ज्यादा बताई जाती है। 
विज्ञापन

2 of 8
बिग बैंग (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
इस पदार्थ का नाम है एंटीमैटर (प्रतिद्रव्य)। शायद आपने इसका नाम भी न सुना हो, लेकिन विज्ञान की दुनिया में इसे एक रहस्यमय पदार्थ के रूप में जाना जाता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, एंटीमैटर पदार्थ के ही समान है, लेकिन यह सामान्य पदार्थ के बिल्कुल विपरीत है। विशेष रूप से, एंटीमैटर के उप-परमाणु कणों में सामान्य पदार्थ (मैटर) के विपरीत गुण होते हैं। उन कणों का विद्युत आवेश उल्टा होता है। बिग बैंग के बाद एंटीमैटर पदार्थ (मैटर) के साथ ही बने थे, लेकिन एंटीमैटर आज के ब्रह्मांड में दुर्लभ है और वैज्ञानिकों के लिए अब तक ये रहस्य ही बना हुआ है कि ऐसा क्यों है। 
विज्ञापन

3 of 8
एंटीमैटर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
अब आपको लग रहा होगा कि एंटीमैटर शायद कोई काल्पनिक पदार्थ हो, इसलिए नहीं मिलता, लेकिन आपको बता दें कि यह कोई काल्पनिक पदार्थ नहीं बल्कि असली पदार्थ है। इसकी खोज 20वीं सदी के पूर्वार्ध में हुई थी। एंटीमैटर के बारे में सबसे पहले साल 1928 में वैज्ञानिक पॉल डिराक ने दुनिया को बताया था, जिन्हें न्यू साइंटिस्ट पत्रिका ने 'सर आइजैक न्यूटन के बाद सबसे महान ब्रिटिश सिद्धांतकार' कहा था। तब से लेकर आज तक यह वैज्ञानिकों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है। 

4 of 8
ब्रह्मांड (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों के मुताबिक, ब्रह्मांड की उत्पति के लिए उत्तरदायी 'बिग बैंग' की घटना के एकदम बाद हर जगह मैटर और एंटीमैटर बिखरा हुआ था। ऐसे में जब दोनों एक दूसरे के संपर्क में आए तो उनके टकराने से भारी मात्रा में ऊर्जा गामा किरणों के रूप में निकली। माना जाता है कि इस टक्कर में अधिकांश पदार्थ नष्ट हो गए, लेकिन थोड़े बहुत बच गए, जो निकटवर्ती ब्रह्मांड में मौजूद हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि सुदूर ब्रह्मांड में एंटीमैटर मिलने की संभावना है।   
विज्ञापन

5 of 8
ब्लैक होल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों का मानना है कि ब्लैक होल द्वारा तारों को दो हिस्सों में काटने की घटना में एंटीमैटर जरूर पैदा होता होगा। हालांकि वैज्ञानिक धरती पर ही लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर ( दुनिया का सबसे विशाल और शक्तिशाली कोलाइडर त्वरक) जैसे उच्च ऊर्जा कण त्वरकों द्वारा एंटी पार्टिकल उत्पन्न करने की कोशिश भी कर रहे हैं। 
विज्ञापन

6 of 8
एंटीमैटर (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Social media
वैज्ञानिकों ने प्रयोगशालाओं में बहुत थोड़ी मात्रा में एंटीमैटर का निर्माण भी किया है। हालांकि नासा के मुताबिक, एंटीमैटर धरती का सबसे महंगा मैटेरियल (पदार्थ) है, क्योंकि इसका महज एक मिलिग्राम बनाने में 100 बिलियन डॉलर यानी करीब 7553 अरब रुपये से ज्यादा लग जाते हैं। 
विज्ञापन

7 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media
वैज्ञानिकों का मानना है कि एंटीमैटर बहुत ही खतरनाक भी है। इस पदार्थ की करीब आधा किलो मात्रा में ही दुनिया के सबसे बड़े हाइड्रोजन बम से भी ज्यादा ताकत होती है, जो किसी भी बड़े शहर को पलभर में तबाह कर दे। हालांकि इतनी मात्रा में तो एंटीमैटर को बना पाना फिलहाल संभव है नहीं।  
विज्ञापन

8 of 8
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों के मुताबिक, एंटीमैटर का इस्तेमाल अंतरिक्ष में दूसरे ग्रहों पर जाने वाले विमानों में ईंधन की तरह किया जा सकता है, लेकिन यह इतना महंगा है कि फिलहाल तो इसके बारे में सोच भी नहीं जा सकता। अनुमान है कि इसका इस्तेमाल भविष्य में संभव हो सकेगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें