प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : nasa
2016 में शुरू होने के बाद पैंजिया परियोजना लगातार बड़ी हो रही है। 2018 में इसके 10वें ट्रेनिंग कैंप पैंजिया-X के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों ने लैंजारोट पर रोवर का परीक्षण किया, ड्रोन उड़ाए और 21 हजार साल पहले ज्वालामुखी फटने से बने छह किलोमीटर गहरे लावा ट्यूब में रोवर को चलाकर देखा। इसके अलावा, एक सप्ताह के दौरान पांच अलग-अलग जगहों पर चार अंतरिक्ष एजेंसियों के 50 वैज्ञानिकों ने एक दर्जन प्रयोग किए। प्रशिक्षण के दौरान स्पेस वॉक और सूक्ष्म जीवों की मौके पर डीएनए जांच सामान्य बातें थीं। जो इन सबसे अजनान थे, उनके लिए द्वीप पर स्टार ट्रेक और डिज्नी-पिक्सर की फिल्म वॉल-ई के सेट जीवंत हो उठे थे। लैंजारोट की इस दुनिया पर जिनकी रोजी-रोटी टिकी है, वे इससे वाकिफ हैं।