फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आखिर सैटेलाइट पर क्यों चढ़ाई जाती है सोने की परत? हैरान हो जाएंगे जानकर

Tue, 09 Jun 2020 11:41 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Quora.com
सैटेलाइट के बारे में तो आप जानते ही होंगे, जिसे भारत में कृत्रिम उपग्रह कहा जाता है। पहला कृत्रिम उपग्रह स्पुतनिक-1, सोवियत संघ द्वारा चार अक्तूबर 1957 को पृथ्वी की कक्षा में भेजा गया था। तब से लेकर आज तक हजारों कृत्रिम उपग्रहों को अंतरिक्ष में भेजा जा चुका है। क्या आप जानते हैं कि सैटेलाइट पर सोने की परत चढ़ाई जाती है? जी हां, आपको यह जानकर हैरानी तो हो रही होगी, लेकिन इसके पीछे एक बेहद ही खास वजह है। चलिए जानते हैं आखिर क्यों ऐसा किया जाता है?
विज्ञापन

2 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Quora.com
आपको शायद पता न हो, लेकिन अंतरिक्ष में भेजा जाने वाला कोई भी सैटेलाइट सोने सी परत में ही लपेटा जाता है। उसे मल्टी लेयर इंसुलेशन कहते हैं। यह काफी हल्का लेकिन बेहद ही मजबूत होता है। दरअसल, पतली-पतली सतहों को मिलाकर एक मोटी परत बनाई जाती है, जिसे आम भाषा में 'गोल्ड प्लेटिंग जबकि वैज्ञानिक भाषा में मल्टी लेयर इंसुलेशन कहा जाता है। 
विज्ञापन

3 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
सोने की परत का इस्तेमाल उस सैटेलाइट में करना जरूरी होता है, जिसे अंतरिक्ष में दूर तक भेजना होता है। दरअसल, वैज्ञानिकों के मुताबिक सोना सैटेलाइट की परिवर्तनशीलता, चालकता और जंग के प्रतिरोध को रोकता है। इसके अलावा इसमें लगी अन्य धातुओं की परत हानिकारक इन्फ्रारेड रेडिएशन और थर्मल रेडिएशन को रोकने में मदद करती है। 

4 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
वैज्ञानिकों की मानें तो अगर सोना और अन्य धातुओं से बनी परत से सैटेलाइट को नहीं ढंका जाएगा, तो अंतरिक्ष के खतरनाक रेडिएशन सैटेलाइट को पलभर में नष्ट कर देंगे। अब चूंकि सैटेलाइट में कई तरह के नाजुक उपकरण भी लगाए जाते हैं, ऐसे में ये परत सैटेलाइट से टकराने वाली किसी भी वस्तु से बचाती है।  
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आपको जानकर हैरानी होगी कि अंतरिक्ष यात्रियों के स्पेस सूट में भी सोने और अन्य धातुओं से बनी परत का इस्तेमाल होता है। अपोलो लूनर मॉड्यूल में भी नासा ने सैटेलाइट बनाने में सोने का इस्तेमाल किया था। इसके अलावा चंद्रयान के एक हिस्से में भी सोने की ऐसी ही परत चढ़ाई गई थी। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें