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दुनिया के वो पांच रहस्य, जो आज तक हैं अनसुलझे, वैज्ञानिक भी हैं हैरान

Sat, 28 Mar 2020 03:56 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
इस धरती पर कई ऐसी जगहें हैं, जो आज के इंसानों के लिए एक रहस्य बनी हुई हैं। उनके बारे में पता लगाने की तमाम कोशिशे हुईं, लेकिन वो ऐसे रहस्य हैं, जिन्हें सुलझाने की जितनी भी कोशिश की गई, वैज्ञानिक या पुरातत्व विभाग के लोग उतना ही उसमें उलझते चले गए। आज हम आपको ऐसे ही दुनिया के उन पांच रहस्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो आज तक अनसुलझे ही हैं। इनमें से कुछ तो हजारों साल पुराने हैं। 
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अजरक ओएसिस व्हील - फोटो : Social media
अजरक ओएसिस व्हील
ये रहस्यमय आकृतियां सीरिया से लेकर जॉर्डन और सऊदी अरब तक फैली हुई हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इन आकृतियों को 8500 साल पहले बनाया गया होगा। हालांकि यह सिर्फ एक अनुमान है। इन्हें सबसे पहले साल 1927 में देखा गया था, जब ब्रिटेन के रॉयल एयरफोर्स का विमान इस इलाके से गुजर रहा था। अब इन बड़ी-बड़ी आकृतियों को क्यों बनाया गया था, यह अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है। 
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'सी ऑफ गैलिली' के अंदर विशाल चट्टान - फोटो : Social media
'सी ऑफ गैलिली' के अंदर विशाल चट्टान 
इजरायल के 'सी ऑफ गैलिली' के अंदर हजारों छोटे-छोटे पत्थरों से बनी एक विशाल आकृति है। चट्टाननुमा यह आकृति 32 फीट ऊंची और 230 फीट व्यास की है, जिसका वजन लगभग 60 हजार टन बताया जाता है। हैरानी की बात तो ये है कि इनका निर्माण प्राकृतिक रूप से नहीं हुआ था बल्कि इन्हें बनाया गया है। माना जाता है कि यह आकृति 4000 साल पुरानी हो सकती है, लेकिन यह सिद्ध करने के लिए कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। पानी के अंदर इन आकृतियों को क्यों बनाया गया था, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।  

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नैन मडोल - फोटो : Social media
नैन मडोल
ऑस्ट्रेलिया के टेमवेन द्वीप के पास हजारों साल पुरानी एक खंडहर बस्ती है, जो चारों तरफ से पानी से घिरी हुई है। इस जगह को 'नैन मडोल' के नाम से जाना जाता है। यहां बड़े-बड़े पत्थरों को ऐसे सजाया गया है, जैसे यहां कोई रहता हो। इन पत्थरों को यहां कौन लाया और कितने साल से ये यहां पर हैं, कोई नहीं जानता। रहस्यमय होने की वजह कई लोग इस जगह को 'भगवान का बनाया हुआ शहर' भी कहते हैं।  
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गोसेक सर्किल - फोटो : Social media
गोसेक सर्किल 
जर्मनी के एक छोटे से शहर गोसेक में यह अजीबोगरीब गोलाकार आकृति है। इसे सबसे पुराना ज्ञात सौर वेधशाला माना जाता है। यह आकृति करीब 250 फीट में फैली हुई है। इसे 'जर्मन स्टोनहेंज' के नाम से भी जाना जाता है। कार्बन डेटिंग से पता चला है कि इसे करीब 4900 साल पहले बनाया गया होगा, लेकिन इसे किसने बनाया था, यह अब तक एक रहस्य ही है। पिछले कई सालों से इसको लेकर शोध चल रहे हैं। 
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रहस्यमय टियाटिहुआकन शहर - फोटो : Social media
मेक्सिको का टियाटिहुआकन शहर
मेक्सिको में एक रहस्यमय शहर है, जिसे टियाटिहुआकन के नाम से जाना जाता है। इसकी खोज 14वीं सदी में एजटेक्स के द्वारा की गई थी। इसे 'प्लेस ऑफ गॉड' यानी 'भगवान की जगह' कहा जाता है। इस जगह के बारे में कहीं भी कोई लिखित प्रमाण नहीं है कि इसे किसने बनाया, कब बनाया, क्यों बनाया और यहां कौन लोग रहते थे। यह अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है। 
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