राजमहल की पहाड़ियों से मिले करोड़ों साल पुराने जीवाश्म (फाइल फोटो)
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जीवाश्म विषेशज्ञ डॉक्टर रंजीत सिंह ने कहा, 'दूधकोल में फॉसिल्स के ऊपर मिले कुछ लीफ इंप्रेशन टिलोफाइलम प्रजाति के पौधों के हैं। ऐसी वनस्पतियां जुरासिक काल में पायी जाती थीं, लेकिन कुछ लीफ इंप्रेशन ऐसे भी हैं, जिनकी पहचान नहीं की जा सकी है। फिलहाल, यह मान सकते हैं कि ये पेड़ काफी लंबे रहे होंगे और शाकाहारी डायनासोर ऐसी पत्तियों और इन पेड़ों की टहनियों को खाते होंगे।'
उन्होंने यह भी कहा, 'यहां जुरासिक काल के वनस्पति जीवाश्म मिलते रहे हैं, इसलिए धरती की खुदाई कर यह पता लगाने की कोशिश की जानी चाहिए कि क्या यहां जंतुओं के जीवाश्म हैं या नहीं। यह कैसे संभव है कि यहां डायनासोर युग के पेड़ों के जीवाश्म मिलें, लेकिन डायनासोर का निशान नहीं मिले। अगर अच्छी तरह शोध करें, तो राजमहल की पहाड़ियों पर डायनासोर या जुरासिक काल के दूसरे जीव-जंतुओं के जीवाश्म या उनसे जुड़ी दूसरी चीजें (मसलन-अंडा) मिल सकती हैं।'