आसमान से बारिश की बूंदे गिरना तो आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी मछलियों की बारिश देखी है? 80 साल हकीकत आसमान से मछलियों की बारिश हुई थी। 1947 में अमेरिका में आसमान से बड़ी संख्या में मछलियां गिरीं थीं। कई लोगों को यह किसी फिल्मी कहानी की तरह लग रहा था। सबसे बड़ी बात यह थी कि यह मछलियां खाने योग्य थीं। मौसम के जानकर अभी भी उस घटना को याद करते हैं।
लुइसियाना के मार्क्सविले की सुबह शहर के लोगों ने 23 अक्तूबर 1947 को सबसे अजीबोगरीब पलों का अनुभव किया था। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, बायोलॉजिस्ट अलेक्जेंडर बाजकोव और उनकी पत्नी वर्जीनिया खाना खा रहे थे। इसी दौरान उनकी वेट्रेस ने उन्हें बताया कि बाहर मछलियों की बारिश हो रही थी।
आसमान से गिरीं ताजी मछलियां
लेक्जेंडर बाजकोव ने दो साल बाद साइंस जर्नल में लिखा है कि आसमान से मछलियां गिर रही थीं। उन्होंने बताया कि जब बाहर गए तो देखा कि 1,000 फीट लंबे और 80 फीट चौड़े इलाके में हर स्क्वायर यार्ड में 9 इंच तक की मछली गिरी हुई थीं। सभी मछलियों की प्रजाति स्थानीय नदियों और खाड़ियों में पाई जाने वाली थीं। इनमें लार्जमाउथ बास, गोगल-आई, सनफिश, मिनोज और हिकरी शैड शामिल थीं। उन्होंने बताया कि सड़कों से लेकर फुटपाथ और लॉन तक हर जगह मछलियां गिरी हुई थीं। मछलियां बिल्कुल ताजी और खाने लायक थीं। बाजकोव ने कहा कि सबसे बड़ी मछली बास थी, जो 24 सेमी के बराबर थी।
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कैसे और क्यों हुई थी मछलियों की बारिश?
बाजकोव मानते थे कि मछलियों की बारिश एक वॉटरस्पाउट यानी पानी के वंडर की वजह से हुई थी। पानी के वंडर ने पास की गर्म, उथली झीलों से छोटी मछलियों को खींच लिया था और उन्हें हवा में सैकड़ों मीटर ऊपर उछाल दिया। इसके बाद वो इतनी दूर गिरीं कि किसी ने बवंडर को नहीं देखा। न्यू ऑरलियन्स के मौसम विभाग के पास इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। लुइसियाना के वाइल्डलाइफ और फिशरीज विभाग के मुख्य जीवविज्ञानी, जेम्स नेल्सन गोवानलोच ने मार्क्सविले में मछलियों की बारिश से एक दिन पहले कई छोटे बवंडर देखे थे।
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ऐसी दर्जनों को घटनाएं हुई हैं दर्ज
मछलियों की बारिश सिर्फ 1947 के मार्क्सविल तक सीमित नहीं हैं। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, इतिहास में दर्जनों बार आसमान से मछलियां गिरने की घटनाएं देखी गई हैं। इक्थियोलॉजिस्ट ई. डब्ल्यू. गडगर ने 1946 में इस तरह 78 दर्ज घटनाओं की समीक्षा की थी। लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस ने बताया है कि इतिहास में मछलियों और मेंढकों के आसमान से गिरने की कई प्रत्यक्षदर्शी रिपोर्ट हैं।