एंबर ल्यूक
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एंबर आगे कहती हैं, 'मैं इस अनुभव को शब्दों में बयां नहीं कर सकती। जब मेरी आंखों में टैटू का इंक डाला जा रहा था, तब मुझे ऐसा लग रहा था जैसे किसी ने शीशे के 10 नुकीले टुकड़े मेरी आंखों में डाल दिए हैं।' आंखों में इंक डालने की यह प्रक्रिया साल में चार बार होती थी। यह प्रक्रिया काफी खतरनाक होती है, क्योंकि अगर इस प्रक्रिया में थोड़ी भी गड़बड़ी होती तो एंबर हमेशा के लिए अपनी आंखों की रोशनी खो देतीं।