क्या मचने वाली है भयानक तबाही?
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3300 फीट की गहराई में रहती है मछली
वैज्ञानिक भाषा में इसे रीगलेकस ग्लेस्नी कहा जाता है। यह दुनिया की सबसे लंबी बोनी फिश में से एक है। आमतौर पर यह मछली समुद्र में 200 से 1000 मीटर यानी करीब 3300 फीट की गहराई में रहती है। इसकी वजह से इसे देख पाना लगभग दुर्लभ होता है। हालांकि, जब यह दिखती है तो अपने साथ प्रलय की कहानियां लेकर आती है। इसका शरीर एकदम बर्फ की तरह सफेद दिखता है और इसका धड़ एकदम लाल नजर आता है।
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जापान में मानी जाती है अशुभ
जापान में लोग इस मछली को अशुभ मानते हैं। उनका मानना है कि अगर यह मछली दिखती है तो देश में भूकंप या सुनामी आती है। बताया जाता है कि साल 2011 में यह मछली दिखी थी, जिसके बाद भयानक सुनामी आई थी। इस प्राकृतिक आपदा में कई हजार लोगों की मौत हो गई थी। कई दक्षिण पूर्व एशियाई देशों में भी ओरफिश के देखे जाने को लंबे समय से प्राकृतिक आपदाओं की कहानियों से जोड़ा जाता है। कुछ देशों में यह भी माना जाता है कि इस मछली के अचानक दिखने को एक चेतावनी जैसा देखा जाता है कि पृथ्वी जल्द ही हिल सकती है।
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वैज्ञानिकों की राय
मरीन बायोलॉजिस्ट और वैज्ञानिक इन कहानियों पर यकीन नहीं करते हैं। उनका कहना है कि ओरफिश कई वजहों से सतह पर आ सकती है। उनका कहना है कि पहला वह घायल हो या बीमार हो। दूसरा समंदर के अंदर तेज बहाव या तूफानी धाराओं के कारण वो रास्ता भटककर ऊपर आ गई हो। तीसरा या वो अपनी जिंदगी के आखिरी क्षण में हो। इस पर वैज्ञानिकों ने शोध भी की है। 2019 में प्रशांत महासागर में एक अध्ययन किया गया था, जिसमें ओरफिश के दिखने और भूकंप आने में कोई भी सीधा संबंध नहीं मिला।