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एक ऐसा देश, जहां बच्चे हर रोज अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर जाते हैं स्कूल, पासपोर्ट भी रखना पड़ता है साथ

Thu, 03 Sep 2020 06:00 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
स्कूल दूर होने की बातें तो अक्सर आपने सुनी होंगी, लेकिन क्या कभी आपने ऐसा सुना है कि बच्चे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर किसी स्कूल में पढ़ने जाएं। जी हां, अमेरिका में एक ऐसा स्कूल है, जहां हर रोज कई बच्चे इंटरनेशनल बॉर्डर पार करके पढ़ने आते हैं। यह स्कूल ऐसा है, जहां पासपोर्ट के बिना बच्चे का पढ़ना लगभग नामुमकिन है। इस स्कूल का नाम है कोलंबस एलीमेंट्री स्कूल। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्कूल में कुल 600 बच्चे पढ़ते हैं, जिसमें से करीब 420 बच्चे अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके आते अपने क्लासरूम तक पहुंचते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर बच्चे अपने नजदीकी स्कूलों में जाने के बजाय बॉर्डर पार करके पढ़ने क्यों जाते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
बीबीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मेक्सिको के प्योर्तो पालोमस में ऐसे बच्चों की संख्या बहुत है, जिनका जन्म तो अमेरिका में हुआ है, लेकिन चूंकि यह जगह मेक्सिको में पड़ती है, इसलिए उन्हें अमेरिका आने के लिए पासपोर्ट दिखाने की जरूरत पड़ती है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
प्योर्तो पालोमस में रहने वाले बच्चे जब भी स्कूल जाने के लिए तैयार होते हैं तो सबसे पहले वो अपना पासपोर्ट अपनी बैग में रख लेते हैं। इसके बाद जब वो अमेरिकी सीमा के चेक पोस्ट पर पहुंचते हैं तो वहां मौजूद गार्ड को अपना पासपोर्ट दिखाते हैं और जब उन्हें गार्ड की तरफ से सीमा में दाखिल होने की इजाजत मिल जाती है तो वो अमेरिका सीमा में दाखिल हो जाते हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
कोलंबस एलीमेंट्री स्कूल की बस बच्चों को स्कूल तक ले जाने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बने बस स्टॉप तक आती है। फिर बच्चे उसमें चढ़कर अपने स्कूल चले जाते हैं। कुछ बच्चों को छोड़कर लगभग सभी बच्चे इस दौरान अपना पासपोर्ट अपने साथ रखते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
दरअसल, बच्चों को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर स्कूल आने की वजह ये है कि मेक्सिको के स्कूलों में स्पेनिश भाषा में पढ़ाई होती है जबकि अमेरिका में अंग्रेजी में। असल में मेक्सिको के लोगों का मानना है कि अंग्रेजी की पढ़ाई में ही भविष्य है और वो इसी वजह से अपने बच्चों को अमेरिका भेजते हैं ताकि उनकी पढ़ाई भी अच्छी हो सके और वो अंग्रेजी भाषा भी सीख सकें। 
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