हॉर्स शू केकड़े
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साल 1970 से वैज्ञानिक इस जीव के खून के इस्तेमाल से मेडिकल उपकरणों और दवाओं के जीवाणु रहित होने की जांच करते हैं। मेडिकल उपकरणों पर खतरनाक जीवाणु की मौजूदगी मरीज की जान ले सकती है, लेकिन इस जीव का खून जैविक जहर के प्रति अति संवेदनशील है। इस खून का इस्तेमाल इंसानी शरीर के अंदर जाने वाले किसी भी सामान के निर्माण के दौरान उसके प्रदूषक होने के बारे में जांचा जाता है। इन चीजों में आईवी और टीकाकरण के लिए उपयोग में लाई जाने वाली मेडिकल डिवाइसें शामिल हैं।