Bihar Clashes Update : नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद स्थिति नियंत्रित है। सासाराम में भी रात के बाद से रविवार सुबह तक अप्रिय वारदात नहीं हुई। भागलपुर, मुंगेर, गया में भी छिटपुट संघर्ष हुआ, हालांकि इसे बढ़ाकर बता रहे।
बिहार में दो गुटों के बीच संघर्ष की खबरें शनिवार रात से रविवार सुबह तक नियंत्रित रहीं। नालंदा जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में कर्फ्यू लगाए जाने के बाद स्थिति नियंत्रित है। अब तक कुल 77 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। नालंदा पुलिस ने 3 और FIR दर्ज किए हैं। इनमें बिहार थाना में 2, सोहसराय थाना में एक FIR दर्ज किए हैं। अब तक उपद्रव मामले में 11 केस दर्ज किए हैं। इधर, नालंदा में शांति व्यवस्था बहाल करनें के लिए 10 से अधिक सुरक्षा बल की कंपनियां बिहार शरीफ पहुंच चुकी है। इनमें ITBP, CRPF, BMP, रैपिडेक्सन फोर्स शामिल हैं। अब तक सासाराम में भी शाम के बाद से रविवार सुबह तक कहीं कोई अप्रिय वारदात नहीं हुई। भागलपुर के नवगछिया में शुक्रवार की झड़प में महिला के घायल होने के बाद कोई घटना सामने नहीं आई। हालांकि मुजफ्फरपुर में शनिवार देर रात उपद्रव की सूचना मिली। दो पक्षों के बीच पथराव हुआ। इसके हालत नियंत्रण में हैं। नालंदा से सटे नवादा में शनिवार को सहज तरीके से रामनवमी जुलूस निकला और रविवार को गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम की तैयारी चल रही है। मुंगेर और गया में भी हल्की झड़प की सूचना आई, हालांकि इसे बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने की कोशिश की जाती रही। लोगों ने ऐसी खबरों पर ध्यान नहीं दिया और शांति कायम रही।
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नालंदा में दो दिन संघर्ष; एक की मौत, दर्जनों घायल
मुख्यमंत्री के गृह जिला नालंदा में शुक्रवार को जुलूस के दौरान रोड़ेबाजी-फायरिंग हुई और फिर आगजनी। फायरिंग और रोड़ेबाजी में दर्जनों लोग घायल हुए। इसके अलावा मकान, दुकान और वाहनों में आगजनी से करोड़ों की क्षति हुई। शुक्रवार से शनिवार दोपहर बाद तक शांति थी, लेकिन फिर शनिवार शाम को जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में शुक्रवार को हिंसा प्रभावित क्षेत्र से एक किलोमीटर दूर ही हिंसा भड़क उठी। करीब चालीस राउंड फायरिंग में एक की मौत हो गई। साथ ही कुछ असामाजिक तत्वों ने एक धर्मस्थल को भी आग लगा दी। इससे जगह-जगह हिंसक झड़पों की खबर आने लगी। इसे देखते हुए रात में बिहारशरीफ में कर्फ्यू लगा दिया गया। कर्फ्यू के बाद से इलाके में शांति है। स्कूल-कॉलेज समेत सभी शैक्षणिक संस्थान अगले आदेश तक के लिए बंद रखे गए हैं।
सासाराम में विस्फोट हुआ था, मगर हैंडलिंग के दौरान शुक्रवार को सासाराम में हुई हिंसा के बाद लगाई गई धारा 144 के कारण गृह मंत्री अमित शाह का दौरा रद्द हुआ। इस दौरान मुख्यमंत्री ने इसे साजिश करार देते हुए कहा कि लॉ एंड ऑडर का कोई इश्यू मानने से इनकार किया। हालांकि, इलाके में धारा 144 का प्रचार-प्रसार व्यापक पैमाने पर होने के कारण शांति रही, हालांकि शनिवार की रात 9 बजे वहां विस्फोट होने की जानकारी सामने आई। पुलिस को भी छह लोगों के घायल होने की सूचना मिली। जांच के दौरान पता चला कि बम बनाने-रखने के दौरान यह विस्फोट एक मकान के अहाते में हुआ था। किसी पर बम फेंका नहीं गया था, जबकि कई मीडिया (अमर उजाला ने विस्फोट की जानकारी दी) और सोशल मीडिया में इसे बम फेंके जाने के रूप में प्रचारित किया गया। बम हैंडलिंग में दो की गिरफ्तारी की पुष्टि पुलिस कर रही है। चार अप्रैल तक स्कूल-कॉलेज समेत सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए हैं।
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मुंगेर में विवाद को बढ़ाकर अफवाह फैलाई गई
मुंगेर जिले के जमालपुर बड़ी रामपुर एवं महमदा में एक ही समुदाय के दो पक्षों के बीच प्रतिमा विसर्जन के दरम्यान विवाद हो गया, जिसे गुटीय संघर्ष के रूप में प्रचारित कर अफवाहों को हवा दी गई। पुलिस ने जांच के बाद बताया कि एक ही समुदाय के दो पक्षों में जमीन विवाद है, जिसका असर प्रतिमा विसर्जन के समय दिखा और विवाद बढ़ गया। प्रतिमा विसर्जन शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। पुलिस ने अपील की कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें।