एएसपी के मुताबिक, 'आरोपियों ने 6-7 जुलाई को स्थानीय लोगों को मार्शल आर्ट के नाम पर तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखाया गया। उन्होंने दूसरों को धार्मिक हिंसा के लिए उकसाया। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ गवाहों के खाते भी हैं।'
भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास पिछले 2 महीने से दूसरे राज्यों के लोग आ रहे थे। आने वाले लोग टिकट बुक करते समय और होटलों में ठहरते समय अपना नाम बदल रहे थे। एएसपी मनीष कुमार ने यह जानकारी दी।
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पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में झारखंड के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी मोहम्मद जल्लाउद्दीन के साथ सिमी के पूर्व सदस्य और पीएफआई के मौजूदा सदस्य अतहर आमिर को गिरफ्तार किया गया है। परवेज का छोटा भाई 2001-02 के बम धमाकों के मामले में जेल भेजा जा चुका है।
एएसपी के मुताबिक, 'आरोपियों ने 6-7 जुलाई को स्थानीय लोगों को मार्शल आर्ट के नाम पर तलवार और चाकुओं का इस्तेमाल करना सिखाया गया। उन्होंने दूसरों को धार्मिक हिंसा के लिए उकसाया। हमारे पास सीसीटीवी फुटेज के साथ-साथ गवाहों के खाते भी हैं। परवेज ने भी लाखों में चंदा जुटाया।'
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एसएसपी ने बताया, 'इंडिया विजन 2047' शीर्षक से साझा किए गए 8-पृष्ठ लंबे दस्तावेज का एक अंश कहता है, 'पीएफआई को विश्वास है कि भले ही कुल मुस्लिम आबादी का 10% इसके पीछे हो, PFI कायर बहुसंख्यक समुदाय को वश में करेगा और गौरव वापस लाएगा।
फुलवारी शरीफ पुलिस अनुमंडल के पदाधिकारी मनीष कुमार ने संवाददाता सम्मेलन में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में गांधी मैदान में हुए ब्लास्ट के कई आरोपियों को छुड़ाने के लिए अतहर परवेज ने इन लोगों की जमानत करवाई थी। बताया जा रहा है कि दोनों गिरफ्तार आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में घूम-घूमकर अशिक्षित एवं गुमराह युवकों को आतंकी प्रशिक्षण देने का काम किया करते थे।