इनकी जाति का भी कोड है- नंबर 22
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किन्नर एसोसिएशन का दावा-2011 की जनगणना में 40 हजार से अधिक आबादी
किन्नर एसोसिएशन का कहना है कि 2011 में जारी की गई जनगणना के रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में 40,897 ट्रांसजेंडर केवल बिहार में थे। वोटर आईडी के अनुसार ही 5000 से अधिक ट्रांसजेंडर बिहार में हैं। अब या तो वोटर आईडी के आंकड़े गलत है। या तो जनगणना की रिपोर्ट गलत है। हजारों ट्रांसजेंडर ऐसे हैं जिसके पास जातीय गणना करने वाली टीम नहीं आई है। हमारी मांग है कि अलग से अलग से हमारा सर्वे होना चाहिए ताकि हमें हमारा सही हक मिल सके और राज्य सरकार के योजनाओं का लाभ मिल पाए।
बिहार में इनकी जाति- नंबर 22
बता दें कि जातीय जनगणना के प्रगणक द्वारा अपने रिकॉर्ड में थर्ड जेंडर को जाति के रूप में दर्ज करने की बात पहले ही स्पष्ट कर दी गई थी।। थर्ड जेंडर के शख्स का जन्म भले किसी भी जाति में हुआ हो- उसके लिए इस जातीय जनगणना में जाति ही 'किन्नर / कोथी / हिजड़ा / ट्रांसजेंडर (थर्ड जेंडर)’ होगी। अंग्रेजों के जमाने के बाद बिहार में पहली बार हो रही इस जातीय जनगणना में इन्हें लिंग से नहीं, बल्कि
इस जाति से पहचान दी गई है। बाकी की तरह, इनकी जाति का भी कोड भी दिया गया था। नंबर 22 दिया गया था।