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Bihar Caste Census : किन्नर केवल 825; थर्ड जेंडर समाज ने कहा- पहली गलती तो हमें जाति में गिना, उसपर आकंड़े गलत

Mon, 02 Oct 2023 04:26 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

किन्नर एसोसिएशन की रेशमा प्रसाद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार थर्ड जेंडर का भला नहीं चाह रही है। इसलिए इतनी कम संख्या दिखा रही है। सीएम नीतीश कुमार से मांग हैं कि फिर से थर्ड जेंडर की गिनती हो। ताकि सही आंकड़ा निकल कर सामने आ सकते। 
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जाति आधारित गणना की रिपोर्ट जारी होने के बाद किन्नरों में आक्रोश है। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जाति आधारित गणना की रिपोर्ट को बिहार सरकार ने सार्वजनिक कर दी है। अब रिपोर्ट आने बाद सबसे पहले किन्नर एसोसिएशन ने सवाल खड़े कर दिए। उनका कहना है कि महागठबंधन सरकार ने बिहार में ट्रांसजेंडर की आबादी मात्र 825 ही बताई है। यह गलत है। किन्नर समाज के साथ भेदभाव और अन्याय किया गया है। बिहार सरकार इसकी समीक्षा करे और फिर से सही रिपोर्ट प्रकाशित करे।  

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किन्नर एसोसिएशन की रेशमा प्रसाद ने कहा कि बिहार सरकार द्वारा ट्रांसजेंडर की संख्या गलत बताई गई है। इतने किन्नर तो केवल पटना के टोल प्लाजा, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर दिख जाएंगे। 2500 से 3000 किन्नर केवल पटना में हैं। रेशमा ने कहा कि मैं बिहार सरकार पर सवाल नहीं उठा रही हूं। लेकिन, जो आंकड़े जारी किए गए हैं, वह गलत हैं। ऐसे आंकड़े को किन्नर समाज स्वीकार नहीं कर पाएगी। पूरे बिहार में मात्र 825 ही किन्नर है, यह आंकाड़ा गलत है।

सरकार ने जो भद्दा मजाक किया, उसका सुधार जल्द से जल्द हो
रेशमा प्रसाद ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार थर्ड जेंडर का भला नहीं चाह रही है। इसलिए इतनी कम संख्या दिखा रही है। सीएम नीतीश कुमार से मांग हैं कि फिर से थर्ड जेंडर की गिनती हो। ताकि सही आंकड़ा निकल कर सामने आ सकते। सरकार ने जो भद्दा मजाक किया, कम से कम उसका सुधार जरूर करे।

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इनकी जाति का भी कोड है- नंबर 22 - फोटो : अमर उजाला
किन्नर एसोसिएशन का दावा-2011 की जनगणना में 40 हजार से अधिक आबादी
किन्नर एसोसिएशन का कहना है कि 2011 में जारी की गई जनगणना के रिपोर्ट के अनुसार, बिहार में 40,897 ट्रांसजेंडर केवल बिहार में थे। वोटर आईडी के अनुसार ही 5000 से अधिक ट्रांसजेंडर बिहार में हैं। अब या तो वोटर आईडी के आंकड़े गलत है। या तो जनगणना की रिपोर्ट गलत है। हजारों ट्रांसजेंडर ऐसे हैं जिसके पास जातीय गणना करने वाली टीम नहीं आई है। हमारी मांग है कि अलग से अलग से हमारा सर्वे होना चाहिए ताकि हमें हमारा सही हक मिल सके और राज्य सरकार के योजनाओं का लाभ मिल पाए। 

बिहार में इनकी जाति- नंबर 22
बता दें कि जातीय जनगणना के प्रगणक द्वारा अपने रिकॉर्ड में थर्ड जेंडर को जाति के रूप में दर्ज करने की बात पहले ही स्पष्ट कर दी गई थी।। थर्ड जेंडर के शख्स का जन्म भले किसी भी जाति में हुआ हो- उसके लिए इस जातीय जनगणना में जाति ही 'किन्नर / कोथी / हिजड़ा / ट्रांसजेंडर (थर्ड जेंडर)’ होगी। अंग्रेजों के जमाने के बाद बिहार में पहली बार हो रही इस जातीय जनगणना में इन्हें लिंग से नहीं, बल्कि इस जाति से पहचान दी गई है। बाकी की तरह, इनकी जाति का भी कोड भी दिया गया था। नंबर 22 दिया गया था।
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