बीते दिनों दिल्ली से गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी अशरफ के तार बिहार के किशनगंज से जुड़ रहे हैं। जांच में पता चला है कि किशनगंज के एक सरपंच ने उसका पहचान पत्र बनवाने में मदद की थी। खुफिया एजेंसियां अब सरपंच की जांच कर रही हैं।
आतंकी अशरफ बांग्लादेश के रास्ते भारत आया था। कुछ दिन वह अजमेर में रहा। यहां उसका संपर्क बिहार के किशनगंज के युवकों से हुआ और फिर बिहार से तार जुड़ गए। उन्हीं युवकों ने उसका किशनगंज में पहचान पत्र भी बनवा दिया। इसके आधार पर अशरफ का दिल्ली में भी पहचान पत्र बन गया था।
सूत्रों का कहना है कि वह बांग्लादेश से आने की बात कह रहा है, लेकिन जांच में नेपाल का कनेक्शन भी नजर आ रहा है। अशरफ की गिरफ्तारी के बाद से ही बिहार में अलर्ट है। किशनगंज में खासतौर से नजर रखी जा रही है। नेपाल सीमा से लेकर किशनगंज तक सतर्कता बढ़ा दी गई है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गुरुवार को आतंकी अशरफ का साथ देने के आरोप में शास्त्री पार्क से एक मौलवी को हिरासत में लिया था। उससे पूछताछ की जा रही था। वह अशरफ के साथ घूमता था और कई कामों में उसकी सहायता करता था।
दूसरी तरफ स्पेशल सेल की जांच में यह बात सामने आई है कि मेरठ समेत पश्चिमी उत्तरप्रदेश के कई युवक आतंकी अशरफ के संपर्क में थे। स्पेशल सेल ने 12 अक्तूबर को मोहम्मद अशरफ को गिरफ्तार किया है उस दिन से इन युवकों के मोबाइल बंद हो गए हैं। स्पेशल सेल के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार मो. अशरफ ने अन्य आतंकियों के साथ हैदरपुरा, श्रीनगर में सेना के छह जवानों का गला रेत कर उन्हें जिंदा जला दिया था। अशरफ अभी रिमांड पर है। पुलिस व जांच एजेंसियां उससे लगातार पूछताछ कर रही हैं। उसके कई मददगारों को भी जल्द दबोचा जा सकता है।