बिहार की दो विधानसभा सीटों पर होने वाले उप चुनाव के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) की स्टार प्रचारक की सूची पर खड़ा हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को जारी हुई इस सूची में पार्टी के मुखिया लालू प्रसाद यादव के बेटे तेज प्रताप यादव, पत्नी राबड़ी देवी और बेटी मीसा भारती का नाम नहीं था। शुक्रवार को तेज प्रताप ने इसे लेकर अपनी ही पार्टी पर निशाना साधा और कहा कि मुझे शामिल करते न करते लेकिन मीसा भारती को शामिल करना चाहिए। बिहार की महिलाएं इसके लिए माफ नहीं करेंगी।
ये उपचुनाव 30 अक्तूबर हो कुशेश्वरस्थान और तारापुर विधानसभा सीटों के लिए होने हैं। कांग्रेस की ओर से प्रचार करने की अटकलों के बीच तेज प्रताप ने एक ट्वीट कर अपनी ही पार्टी को निशाने पर लिया। काव्यात्मक शुरुआत के साथ किए गए इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'ऐ अंधेरे देखले मुंह तेरा काला हो गया, मां ने आंखें खोल दीं घर में उजाला हो गया। मेरा नाम रहता न रहता, मां और दीदी का नाम रहना चाहिए था। इस गलती के लिए बिहार की महिलाएं माफ नहीं करेंगी। दशहरा में हम मां की ही आराधना करते हैं न जी...।'
राजद ने अपने इस फैसले के पीछे दिया है यह तर्क
इस फैसले लेकर पार्टी ने ये तर्क दिया है कि ये उप चुनाव कुशेश्वरस्थान और तारापुर विधानसभा सीटों पर होने हैं और इन क्षेत्रों की सामाजिक स्थिति को देखते हुए ही यह सूची तैयार की गई है। राजद का कहना है कि स्टार प्रचारकों की इस सूची में ऐसे नेताओं को प्रमुख रूप से जगह दी गई है जो इन चुनावी इलाकों में मतदाताओं को प्रभावित व अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं।
20 स्टार प्रचारकों की सूची में इन नेताओं के हैं नाम
स्टार प्रचारकों की सूची में लालू प्रसाद यादव, प्रदेश में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, अब्दुल बारी सिद्दीकी, जयप्रकाश नारायण यादव, उदय नारायण चौधरी, श्याम रजक, भोला यादव, वृषिण पटेल, ललित यादव, मनोज कुमार झा, तनवीर हसन, आलोक मेहता, शिवचंद्र राम, अनिल सहनी, लवली आनंद चंद्रहास चौपाल, भरत बिंद, रामवृक्ष सदा, अनिल साधु व भरत मंडल शामिल हैं।