बिहार में ग्रामीण बैंक के एक मैनेजर को शेयर ट्रेडिंग का ऐसा नशा लगा कि उसने अपने ग्राहकों को ही चूना लगाना शुरू कर दिया। बक्सर जिले के आशा पड़ारी ब्रांच के मैनेजर रविशंकर कुमार ने इसके लिए अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल किया है। मैनेजर रविशंकर कुमार इतना शातिर निकला कि 200 से अधिक ग्राहकों के खाते के ट्रांजेक्शन की जानकारी अपने पास ही रखता है। ना तो वह किसी कस्टमर्स की पासबुक प्रिंट होने देता और न ही पैसे जमा होने पर एसएमएस जाने का मैसेज भेजता था।
शुरुआती जांच में करीब 1 करोड़ रुपए से अधिक की राशि के गबन का मामला सामने आया है। विजिलेंस की टीम इस गबन की जांच कर रही है, इसमें और भी खुलासे होने बाकी हैं। मैनेजर के करीबियों का कहना है कि वह शेयर बाजार से रातों रात अमीर बनने का सपना देखने लगा था।
मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब एक ग्राहक अपने खाते से पैसे निकालने आशा पड़री ब्रांच पहुंचा। बैंक की तरफ से कस्टमर को कहा गया कि आपके अकाउंट में पर्याप्त राशि नहीं है। उसने इसकी शिकायत रीजनल ऑफिस में की। वहां कुछ और कस्टमर्स ने पहले भी ऐसी शिकायतें दर्ज कराई थीं। इस मामले से पटना हेड ऑफिस को अवगत कराया गया। इसके बाद बैंक ने विजिलेंस से जांच कराई, जिसमें घोटाले का बड़ा खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के बाद मैनेजर रविशंकर को सस्पेंड कर दिया गया और उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में उसे भेज दिया ।
पटना से आरोपी मैनेजर की गिरफ्तारी
रीजनल मैनेजर विकास कुमार भगत ने बक्सर के सेमरी थाने में रविशंकर, उमेश सिंह, आरती देवी सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। जिसके बाद बक्सर पुलिस ने पटना के बोरिंग रोड के हिमगिरी अपार्टमेंट से आरोपी रविशंकर को गिरफ्तार किया। इस पर ड्यूटी के दौरान बैंक के 200 से अधिक ग्राहकों के खाते में सेंधमारी कर फर्जी चेक के जरिए खातों से अवैध तरीके से रुपये निकासी करने का आरोप है।