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Bihar News : राहुल गांधी को जीतन राम मांझी ने दी चेतावनी, नहीं रख सके मौन व्रत; क्यों-क्या कहा, जानना रोचक

Tue, 14 Nov 2023 12:03 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Rahul Gandhi : बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक दिन के मौन व्रत से पहले कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी को चेताया है। उन्होंने राहुल गांधी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बचकर रहने की चेतावनी क्यों दी, यह चर्चा में है।
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जीतन राम मांझी और राहुल गांधी। (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आरक्षण की समीक्षा नहीं किए जाने की बात उठाने पर बिहार विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोप का शिकार हुए पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कांग्रेस के नंबर वन नेता राहुल गांधी को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है। 80 साल के मांझी ने अपने साथ हुए दुर्व्यवहार का विरोध जताने के लिए एकदिवसीय मौन व्रत धारण करने से पहले राहुल गांधी को चेतावनी दी कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बचकर रहें। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार पंडित जवाहर लाल नेहरु की जगह उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित कर सकते हैं, इसलिए बचकर रहें। मांझी ने उदाहरण दिया कि नीतीश ने बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी के पिता की पुण्यतिथि पर पहुंचकर मंत्री के सिर पर ही पुष्पांजलि अर्पित कर दी थी। मांझी को मौन व्रत के लिए बैठने से प्रशासन ने बाद में रोक दिया।

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अंबेडकर स्मारक पर एक मौन प्रदर्शन का आयोजन
पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि “मेरे अपमान के सहारे पूरे दलित समाज को ज़लील करने वाले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ 14 नवम्बर को सुबह 11.30 बजे पटना उच्च न्यायलय के निकट अंबेडकर स्मारक पर एक मौन प्रदर्शन का आयोजन किया गया। भाजपा समेत कई संगठनों के साथ-साथ वह मौन सत्याग्रह के लिए पहुंचे, लेकिन प्रशासन ने उन्हें इससे भी रोक दिया। 

सम्राट चौधरी बोले- 14 करोड़ बिहारवासियों को अपमानित करने का काम किया
इधर, मांझी द्वारा आयोजित मौन सत्याग्रह कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी भी शामिल हुए। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार भाजपा और एनडीए पूरी तरह से पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम मांझी जी के साथ खड़ी है। नीतीश जी ने केवल पूर्व मुख्यमंत्री जी को अपमानित नहीं किया है बल्कि 14 करोड़ बिहारवासियों को अपमानित करने का काम किया है। दरअसल नीतीश बाबू शुरू से ही दलितों के प्रति संकीर्ण मानसिकता रखते हैं और समय-समय पर उसे प्रकट भी करते रहते हैं। किंतु इस बार बिहार की जनता उन्हें माफ़ नहीं करने वाली है और एनडीए के नेतृत्व में हम इस अराजक सत्ता को 2025 में गद्दी से उखाड़ फेंकेंगे।
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जानिए क्या आरोप लगाया था मांझी ने नीतीश पर
विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार की बातों का जवाब दिया। उन्होंने कहा- "नीतीश कुमार ने कोई क्वालिटी देखकर मुझे मुख्यमंत्री नहीं बनाया था। संकट में थे तो मुसहर-भुंइया है, सीधा है...यह सोचकर मुख्यमंत्री बना दिया। सोचा कि जो कहेंगे, करता रहेगा। लेकिन जब मैं काम करने लगा तो इन्हें अपनी कुर्सी पर खतरा नजर आने लगा। कहते तो सीधे हट जाता, लेकिन साजिश कर हटाया।"  मांझी ने कहा था कि मैं सदन में आरक्षण पर अपनी बात रख रहा था कि अचानक सीसीएम नीतीश कुमार खड़े हो गए और अनाप-शनाप बोलने लगे। वह तुम ताम करने लगे। मैं समझता हूं कि उनकी मानसिक स्थिति खराब हो गई है। मैं उम्र में उनसे 6 बड़ा हूं। राजनीति में भी मैं उनसे 5 साल पहले आया हूं। पिर वह कैसे मुझे तुम-ताम करके बोल सकते हैं।

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