आरोपी शिक्षक पुत्र और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया गया है
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गोपालगंज जिले के विजयीपुर थाना पुलिस ने शिक्षक पुत्र अपहरण मामले का 24 घंटे के अंदर खुलासा कर लिया है। किशोर को मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसके दोस्त के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि शिक्षक पुत्र ने फिरौती के लिए खुद ही अपने अपहरण की साजिश रची थी और अपने साथी के यहां रह रहा था।
जानकारी के मुताबिक, जगदीशपुर गांव निवासी अशोक मांझी का इकलौता बेटा हेमंत कुमार बीए पार्ट दो का छात्र है। उसे यूपी के देवरिया जिले के खुखुंदू थानाक्षेत्र के गांगी गांव से गिरफ्तार किया गया है। हेमंत ने अपने सहपाठी राजन चौहान के घर रहकर अपने पिता को फोन करवाकर डेढ़ लाख रुपये फिरौती की मांग की थी। अशोक मांझी ने अपने इकलौते बेटे हेमंत कुमार के अपहरण की प्राथमिकी बुधवार को स्थानीय थाने में कराई थी।
आरोपी छात्र के पिता ने बताया कि बुधवार को विद्यालय से पढ़ाकर लगभग पौने पांच बजे घर पहुंचा तो पत्नी ने बताया कि हेमंत दोपहर से घर नहीं आया है। इस पर पिता ने चारों तरफ खोजबीन शुरू कर दी, तब तक उनके मोबाइल पर छह बजकर 11 मिनट पर फोन आया। फोन करने वाले ने कहा कि तुम्हारे लड़के का फिरौती के लिए अपहरण किया गया है। डेढ़ लाख रुपये भेज दो। इसके बाद फोन काट दिया गया। शिक्षक ने थाने आकर घटना की पूरी जानकारी देने के बाद आवेदन देकर अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी के बाद विजयीपुर थानाध्यक्ष ने इसकी जानकारी एसपी स्वर्ण प्रभात और देवरिया के एसपी को देकर खोजबीन शुरू कर दी। थानाध्यक्ष ने बताया कि टेक्निकल सेल से लड़के का मोबाइल लोकेशन पर पता चला कि वह खुखुंदू थाना क्षेत्र में है। पुलिस बल के साथ खुखुंदू पुलिस की मदद से जब गांगी गांव के रामप्यारे चौहान के घर छापा मारा गया। तब पहले घर के मालिक रामप्यारे चौहान ने आनाकानी की। लेकिन दबिश देकर जब तलाशी ली गई तो हेमंत अपने दोस्त राजन चौहान के साथ घर के अंदर एक कमरे में था।
उसके बाद थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने फौरन दोनों को गिरफ्तार कर लिया। फिर उन्हें थाने लाकर शिक्षक अशोक मांझी को बुलाकर सारी घटना बताई। इस पर पिता अशोक मांझी ने कहा कि जब औलाद ही ऐसी हो तो जो न्याय संगत हो, श्रीमान वह करें। ऐसे पुत्र का क्या फायदा। पिता की सहमति के बाद पुलिस ने हेमंत और राजन को शुक्रवार को न्यायालय में भेज दिया।