एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान राजद नेता तथा कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
इस मौके पर राजद के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार राय ने कहा कि केंद्र सरकार शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, अति पिछड़े, दलितों और आदिवासियों को हक और अधिकार नहीं देना चाहती है। जबकि राष्ट्रीय जनता दल किसी भी परिस्थिति में पूरे देश में एक साथ जातिगत जनगणना कराने और बिहार में 65 फीसदी आरक्षण व्यवस्था को नवमीं अनुसूची में शामिल कराने के प्रति कृत संकल्पित है। इसके लिए राजद की ओर से संघर्ष और आंदोलन सड़क से सदन तक किया जाएगा।
एक दिवसीय धरना प्रदर्शन के दौरान राजद नेता तथा कार्यकर्ता
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वहीं, पूर्व मंत्री सह राजद विधायक जितेंद्र कुमार राय ने राज्य और केंद्र सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी बढ़ाने और अपराध को रोकने में अक्षम रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में जाति आधारित गणना करवाने के लिए राष्ट्रीय जनता दल आंदोलन कर रही है। हमारी पार्टी द्वारा वर्ष 2023 में किए गए जातीय सर्वेक्षण के निष्कर्षों को संविधान की नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर सारण जिला सहित पूरे बिहार में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हालांकि हमारे नेता तेजस्वी यादव ने पहले ही ओबीसी, एससी और एसटी के लिए 65 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। लेकिन अब इसको नौवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की जा रही है। परंतु भाजपा की सरकार इस आरक्षण को खत्म करना चाहती थी, जिस कारण इसे नौवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया जा रहा है। लेकिन राजद ने देश में जातिगत जनगणना और 65% आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल किए जाने का समर्थन किया है।