कैफ खान की चाकू मारकर हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया है। घटना के बाद सिसई बाजार हिंसा की आग में जल उठा, बाइकें फूंकी गईं, दुकानों में तोड़फोड़ हुई और सिसई-भोरे मुख्य मार्ग जाम कर दिया गया। घटना ने न केवल स्थानीय प्रशासन बल्कि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को भी हरकत में ला दिया। पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया है, जबकि सिसई में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई है।
शव पहुंचते ही मचा कोहराम, गुस्से में उफन उठा सिसई
कैफ खान का शव जैसे ही सिसई पहुंचा, पूरे गांव में कोहराम मच गया। लोग गुस्से में शव वाहन को सिसई-भोरे मुख्य मार्ग पर रोककर हंगामा करने लगे। मौके पर मौजूद हथुआ एसडीओ अभिषेक चंदन, एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता और अन्य अधिकारी लोगों को शांत कराने की कोशिश करते रहे। आक्रोशित लोग हत्यारों को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे थे। काफी मशक्कत के बाद लोग शांत हुए, जिसके बाद शव को घर ले जाया गया, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मां बार-बार बेहोश हो रही थी, परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा।
यह भी पढ़ें: मुंगेर में गौरव भाटिया बोले- अब ये बात स्पष्ट हो गई है कि आतंकवाद को नेस्तनाबूद किया जाएगा
पुलिस सुरक्षा में कैफ का हुआ अंतिम संस्कार
कैफ खान का अंतिम संस्कार पुलिस सुरक्षा के बीच किया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। कब्रिस्तान के चारो ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके। परिवार और गांव के लोगों ने गमगीन माहौल में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया। मां बार-बार बेहोश हो रही थी, वहीं परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था। प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी किया हुआ है।
पुलिस कस्टडी में आरोपी घायल, इलाज जारी
घटना के बाद हिरासत में लिए गए तीनों घायल आरोपी हरिराम यादव, आशीष यादव और बबलू यादव का इलाज सदर अस्पताल गोपालगंज में पुलिस कस्टडी में चल रहा है। तीनों को पुलिस ने घटना स्थल से ही गिरफ्तार किया था, जहां वे जख्मी हालत में पाए गए थे। पुलिस का कहना है कि उनकी स्थिति स्थिर है और उनसे पूछताछ जारी है। घटना के बाद तीनों आरोपी भागने के क्रम में महिला और उसके बेटे सोनू के घर में छिप गए थे।
आरोप है कि महिला और उसके बेटे ने इन तीनों को बचाने के लिए उन्हें अपने घर में छिपा लिया था। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो उन्हें आरोपियों के हवाले कर दिया गया। मृतक के पक्ष के लोगों ने महिला और उसके बेटे को साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया है। इसके बाद आक्रोशित भीड़ ने महिला की दुकान और गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने महिला और उसके बेटे को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
यह भी पढ़ें: 7 बजते ही बजने लगेगा सायरन, मॉक ड्रिल के लिए बिहार के 6 जिले हैं तैयार
सिसई बाजार रहा बंद, रूट डायवर्ट
घटना के बाद एहतियात के तौर पर सिसई बाजार को बंद रखा गया। केवल मेडिकल की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई थी। सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए मुख्य मार्ग से रूट को डायवर्ट किया गया और सभी वाहनों को जैतपुरा के रास्ते से निकाला गया। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन को भारी विरोध और गुस्से का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने संयम और सूझबूझ से हालात पर काबू पाया। एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता, एसडीओ अभिषेक चंदन, बीडीओ दिनेश कुमार सिंह, थानाध्यक्ष आरबी राय और अन्य पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को समझाने का प्रयास किया। पांच घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और इलाके में शांति बहाल की गई।
देर रात पहुंचे थे सारण डीआईजी, गोपालगंज और सीवान प्रशासन ने संभाली कमान
घटना के बाद तनाव बढ़ता देख गोपालगंज डीएम प्रशांत कुमार सीएच, सारण डीआईजी नीलेश कुमार, सीवान एसपी अमितेश कुमार समेत कई वरिष्ठ अधिकारी देर रात सिसई पहुंचे। बाजार में आगजनी और तोड़फोड़ के बाद हालात काबू में करने के लिए सीवान से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने दुकानों में लगी आग पर काबू पाया। देर रात करीब 1:30 बजे फ्लैग मार्च भी किया गया। तब जाकर कुछ दुकानदार अपनी दुकानों से निकलकर घर लौट सके।
सिसई में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीएमपी, दंगा निरोधक दस्ता, महिला बटालियन और भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने इलाके के 11 चिन्हित स्थानों पर दंडाधिकारियों के साथ फोर्स की तैनाती की है, जिनमें सिसई बाजार, जमाल खान के घर के पास, लाल छापर जाने वाली सड़क, पैरामेडिकल कॉलेज और पठान टोला शामिल हैं।
माले नेता का दौरा, परिजनों से मुलाकात
माले नेता जितेंद्र पासवान ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर न्याय का भरोसा दिलाया। उनके साथ सुभाष पटेल और धर्मेंद्र चौहान भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और न्याय की हर संभव कोशिश की जाएगी।
छह माह पुराना आर्केस्ट्रा विवाद बना हत्या की वजह
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हत्या के पीछे 6 महीने पुराना आर्केस्ट्रा विवाद है। आरोप है कि आशीष यादव और बबलू यादव के साथ मृतक के दोस्तों का विवाद हुआ था, जो अब तक सुलझ नहीं पाया था। हालांकि, आरोपी पक्ष का कहना है कि वे सिसई बाजार में अपनी दादी की दवा लेने गए थे और उन पर अचानक हमला किया गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने घटना स्थल को पूरी तरह से सील कर दिया है। मौके से खून के धब्बे और चाकू का कवर बरामद किया गया है। पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है।