राहत एवं बचाव कार्य में जुटे मजदूर
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जानकारी के मुताबिक, मुख्य अभियंता संजय कुमार के नेतृत्व में जियो बैग के साथ-साथ हाथी पांव डालकर बचाव कार्य में टीम जुटी हुई है। लेकिन लोग इसे नाकाफी मान कर बोल्डर पिचिंग करवाने की मांग कर रहे हैं। मुख्य अभियंता ने बताया कि पानी का बहाव तेज है और नदी ने यू-टर्न लेते हुए कटोरा नुमा आकार ले लिया है, जिससे कटाव तेज हो गया है।
गौरतलब है कि पिछले महीने बाल्मिकिनगर बैराज से गंडक नदी में छोड़े गए भारी मात्रा में पानी के बाद जिले में गंडक नदी का जलस्तर काफी उफान पर हो गया था। इससे दियारा इलाका जलमग्न हो गया था। किसानों की फसलें डूब गईं थी, जिसके कारण दियारावासियों की मुश्किलें बढ़ गईं थी। लेकिन धीरे-धीरे नदी का जलस्तर कम होने लगा, इसके बावजूद दियारावासियों की मुश्किलें कम नहीं हुईं। पहले बाढ़ और अब कटाव के भय से दियारावासी डरे और सहमे हुए हैं। किसानों को यह चिंता सता रही है कि कहीं गंडक नदी की धारा उल्टी दिशा में मुड़ कर फसलों को काट कर नदी में न मिला दे। फिलहाल जल संसाधन विभाग की पूरी टीम काफी मुस्तैदी से लगी हुई है।