बिहार विधान परिषद के सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के खिलाफ बगावत करने वालों पर सहयोगी दलों ने बड़ा सियासी प्रहार किया है। अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में निर्दलीय चुनाव लड़ने वाले तीन नेताओं पर गाज गिरी है। भाजपा ने अपने पूर्व प्रदेश संयोजक रमेन्द्र राय और प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल सिंह को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
भाजपा ने दो नेताओं पर गिराई गाज
भाजपा बिहार प्रदेश मुख्यालय प्रभारी अक्षय कुमार की ओर से जारी निष्कासन पत्र के अनुसार, सिवान निवासी रमेन्द्र राय एनडीए के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। रमेन्द्र राय भाजपा के बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के पूर्व प्रदेश संयोजक रह चुके हैं। पार्टी नेतृत्व ने उनके इस कदम को अनुशासनहीनता मानते हुए छह साल के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया है।
इसी तरह, भाजपा ने सारण से प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की है। 11 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक पत्र में उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से मुक्त करते हुए छह साल के लिए निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई है। पार्टी ने एनडीए प्रत्याशी के विरोध में निर्दलीय चुनाव लड़ने को गंभीर अनुशासनहीनता माना है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने भी दिखाई सख्ती
चुनावी समीकरण पर पड़ सकता है असर
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव के बीच भाजपा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा की इन कार्रवाइयों को गठबंधन के अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। लगातार सामने आ रहे निष्कासन और निलंबन के फैसलों से स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि इन कार्रवाइयों का निर्दलीय प्रत्याशियों के चुनावी अभियान और मतदाताओं के रुझान पर कितना असर पड़ता है।