राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पांच नवंबर को यूपी के लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह में भाग लेने की सलाह दी है। रघुवंश के इस बयान पर जदयू ने कहा, पार्टी को किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है।
रघुवंश प्रसाद सिंह ने बुधवार को पटना में पत्रकारों से कहा कि पहले के गले-शिकवे भूलकर सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आना होगा। उन्होंने कहा, जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार को सपा के समारोह में शामिल होना चाहिए। सपा ने सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को समारोह में आने के लिए आमंत्रण दिया है।
रघुवंश प्रसाद ने कहा कि पिछला उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव भी जदयू ने अकेले लड़ा था, जिसका परिणाम पार्टी के लिए उत्साहजनक नहीं था। राजद नेता ने कहा कि सभी धर्मनिरपेक्ष दलों को एक साथ आना होगा तभी फिर से राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन का रास्ता निकलेगा। ऐसा नहीं होने पर भाजपा को ही फायदा होगा।
वहीं, जदयू के प्रदेश प्रवक्ता नीरज कुमार ने रघुवंश के इस बयान पर कहा, जदयू को किसी की नसीहत की जरूरत नहीं है और पार्टी नेतृत्व किसी भी मामले में खुद फैसला लेने को सक्षम है। उन्होंने कहा कि जदयू ने महागठबंधन बनाकर गैर भाजपा मोर्चा का रास्ता दिखाने का काम किया है।
बता दें कि पांच नवंबर को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद भाग लेने के लिए पटना से चार नवंबर को लखनऊ के लिए रवाना होंगे। वहीं नीतीश कुमार इस समारोह में शामिल नहीं होंगे।
मंगलवार को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा कि पांच नवंबर को सपा की रैली में ना तो नीतीश जाएंगे और ना ही उनकी पार्टी का कोई दूसरा नेता जाने वाला है। श्री सिंह ने कहा कि मुलायम का परिवार कलह से जूझ रहा है और इस रैली से एक पक्ष खुद को मजबूत दिखाना चाह रहा है। जदयू उनके पारिवारिक विवाद में नहीं पड़ेगा।