दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा
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मामले कि जानकारी देते हुए बताया कि पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद प्रसाद ने कांड के नामजद अभियुक्त मझौलिया थाना क्षेत्र के बनकट मुसहरी गांव निवासी मोफिज आलम को दोषी पाते हुए 20 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही 20 हजार रुपए जुर्माना का भी आदेश दिया गया है।
न्यायालय का यह फैसला दो वर्ष में आया है। पॉक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक वेदप्रकाश द्विवेदी ने बताया कि किशोरी ने मोफिज आलम के विरुद्ध मझौलिया थाना में 7 फरवरी 2022 को एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें आरोप लगाया था कि मोफिज शादी का झांसा देकर उससे लगातार शारीरिक संबंध बनाता था। इतना ही नहीं जब भी वो घर से बाहर निकलती थी तो रास्ते में पकड़कर छेड़खानी करता था।
इधर बिहार पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत पीड़िता बच्ची को पांच लाख रुपये सहायता स्वरूप अनुदान राशि दिलाने का भी आदेश किया है। बताया कि आरोपी पीड़िता के साथ शादी का झांसा देकर लगातार यौन शोषण करता रहा। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी इंकार कर दिया। जान मारने की धमकी देने लगा। इसी मामले में न्यायाधीश ने आरोपी मोफिज आलम को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 376(3) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4 में 20-20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाते हुए 20 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।