महिला की मौत के बाद अस्पताल में लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पूर्णिया के प्रमुख चिकित्सा केंद्र लाइन बाजार स्थित डॉ. बी.एन. सिन्हा कैंपस में संचालित डॉ. जयेश कुमार के निजी अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद भारी बवाल हो गया। परिजनों ने डॉक्टर पर शराब के नशे में गलत ऑपरेशन करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला की हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे पटना रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया और जांच के दौरान वहां दो दर्जन से अधिक शराब की खाली बोतलें बरामद हुईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है।
ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत
अररिया जिले के पलासी निवासी चंदन कुमार ने अपनी मां को पित्ताशय की पथरी के ऑपरेशन के लिए 07 मार्च 2026 को इस अस्पताल में भर्ती कराया था। 13 मार्च को ऑपरेशन किया गया, लेकिन इसके बाद मरीज की हालत सुधरने के बजाय लगातार बिगड़ती चली गई। परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के घाव से पानी आने लगा था। जब उन्होंने डॉक्टर से शिकायत की तो मदद करने के बजाय डॉक्टर जयेश कुमार ने उनके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और गाली-गलौज की। इस दौरान इलाज के नाम पर परिजनों से लगभग 2 से 2.5 लाख रुपये भी वसूले गए।
रास्ते में तोड़ा दम
संक्रमण पूरे शरीर में फैलने के बाद डॉक्टर ने अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए मरीज को पटना रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, 16 अप्रैल 2026 को पटना ले जाते समय रास्ते में ही महिला की मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव को वापस अस्पताल लाकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर की नशे की लत के कारण उनकी मां की जान गई है।
अस्पताल से मिली शराब की बोतलें
घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर की तलाशी ली, जिसमें दो दर्जन से अधिक शराब की खाली बोतलें बरामद हुईं। इस खुलासे ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है और डॉक्टर व अस्पताल कर्मियों पर नशे की हालत में इलाज करने के आरोपों को बल मिला है।
ये भी पढ़ें:
गर्मी की छुट्टी में बिहार जाने वालों के लिए खुशखबरी; रेलवे ने चला दीं स्पेशल ट्रेनें
पुलिस जांच जारी
हंगामे की सूचना पर फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी प्रभारी राजनंदनी सहित तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित कर परिजनों से आवेदन लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बरामद बोतलों और लगाए गए आरोपों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।